Saudi Arabia News: सऊदी कैबिनेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर के नियमों को दी मंजूरी, रियाद बनेगा ग्लोबल हेडक्वार्टर.

Nura Basta14 August 20262 min read61 viewsSaudi
Saudi Arabia News: सऊदी कैबिनेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर के नियमों को दी मंजूरी, रियाद बनेगा ग्लोबल हेडक्वार्टर.

सऊदी अरब की कैबिनेट ने हाल ही में इंटरनेशनल सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च एंड एथिक्स यानी ICAIRE के बुनियादी सिस्टम को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह जानकारी सरकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। यह एक कैटेगरी टू इंटरनेशनल सेंटर है जो यूनेस्को के संरक्षण में काम करता है। इस सेंटर का मुख्य मुख्यालय देश की राजधानी Riyadh में बनाया गया है, जहां से पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े कामों को दिशा दी जाएगी।

क्या होगा इस सेंटर का मुख्य काम

इस नए सेंटर को दुनिया भर में एआई रिसर्च को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही यह सेंटर तकनीक के क्षेत्र में नीतिगत सिफारिशें तैयार करेगा और नैतिक मानकों को और बेहतर बनाएगा। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, इस सेंटर के लिए सभी तरह के ऑपरेशनल और वित्तीय संसाधन खुद सऊदी अरब की सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इस संस्थान का नेतृत्व सऊदी डेटा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी यानी SDAIA के प्रमुख के हाथ में होगा, जिससे यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाकर काम कर सके।

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कर्मचारियों और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी जानकारी

नवनिर्वाचित कानूनों और प्रावधानों के तहत, इस सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को सऊदी सरकारी विभागों से डेप्युटेशन पर लिया जाएगा। इसके अलावा इसमें यूनेस्को के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह सेंटर पूरी तरह से प्रशासनिक और वित्तीय रूप से स्वतंत्र रहेगा। हालांकि, नियमों के मुताबिक इसमें एक क्लॉज भी जोड़ा गया है जिसके तहत यदि यह संगठन कभी अपना काम बंद करता है, तो इसके सभी भौतिक और बौद्धिक यानी मैटेरियल और इंटेलेक्चुअल एसेट्स वापस सऊदी सरकार को सौंप दिए जाएंगे।

संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्यों को मिलेगा बढ़ावा

यह सेंटर वैज्ञानिक अनुसंधान करने, तकनीकी सलाह देने और वैश्विक स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह अधिकृत है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार (SPA), यह संस्थान संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को पूरा करने में भी अपनी अहम भूमिका निभाएगा। इस कदम से खाड़ी देश में तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए आने वाले समय में नए रास्ते खुलेंगे।

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