जेद्दा में किंग सलमान की अध्यक्षता में हुई सऊदी कैबिनेट की बैठक में हूती मिलिशिया द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों की कड़ी निंदा की गई। सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया कि वे अपनी सुरक्षा और समुद्री आवाजाही की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन करते हुए अपने जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। साथ ही, हूती मिलिशिया की गतिविधियों को यमन के लोगों के कष्टों को बढ़ाने वाला और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया गया है।
क्षेत्रीय संबंधों और आर्थिक प्रगति पर जोर
सऊदी कैबिनेट ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए ईरान द्वारा किए जा रहे उल्लंघनों के खिलाफ चिंता जताई। कैबिनेट ने तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। इस दौरान, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन के बीच फोन पर हुई बातचीत की भी समीक्षा की गई, जिसमें लेबनान की स्थिरता के लिए सऊदी प्रयासों की सराहना की गई।
देश की आर्थिक और विकास से जुड़ी उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कैबिनेट ने कहा कि सऊदी अरब में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 तक सऊदी अरब दुनिया के शीर्ष 15 देशों में शामिल होगा। पिछले समय में देश में FDI का प्रवाह 53% बढ़कर 32.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा, सऊदी स्पेस एजेंसी और संयुक्त राष्ट्र के बीच अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन को भी मंजूरी दी गई है।
