जद्दे में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक बेहद अहम बैठक हुई। इस मीटिंग में सऊदी अरब ने अपने पड़ोसी देशों के साथ मजबूती से खड़े होने का ऐलान किया है। साथ ही देश की डिजिटल तरक्की, अंतरराष्ट्रीय रिश्तों और बजट को लेकर भी कई बड़े अपडेट दिए गए हैं।
UAE, कतर और कुवैत पर हमले को लेकर सऊदी अरब का क्या रुख है?
सऊदी कैबिनेट ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और कुवैत के इलाकों और समुद्री सीमाओं पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। मीडिया मंत्री सलमान बिन यूसुफ अल-दोसारी ने सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) को बताया कि सऊदी सरकार इन खाड़ी देशों के साथ पूरी तरह खड़ी है। कैबिनेट ने इन देशों की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन किया है।
रियाद बना UN डिजिटल गवर्नमेंट सेंटर, अब क्या होगा बदलाव?
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने रियाद को डिजिटल गवर्नमेंट सेंटर के रूप में चुना है। इस फैसले से दुनिया में सऊदी अरब की लीडरशिप और उसकी भूमिका और मजबूत हुई है। इसका मुख्य मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई टेक्नोलॉजी को अपनाना है, ताकि आने वाले समय में डिजिटल सेवाएं और ज्यादा आसान और बेहतर हो सकें।
सऊदी-तुर्की रिश्ते और बजट रिपोर्ट में क्या निकला सामने?
- तुर्की के साथ संबंध: सऊदी-तुर्की समन्वय परिषद की तीसरी बैठक के नतीजों की तारीफ की गई। इससे दोनों देशों के बीच आपसी रिश्ते और व्यापार और मजबूत होंगे।
- बजट अपडेट: साल 2026 के बजट की तिमाही रिपोर्ट देखी गई, जिसमें जरूरी सेक्टरों पर खर्च बढ़ाने की बात कही गई है।
- अंतरराष्ट्रीय संदेश: क्राउन प्रिंस ने कैबिनेट को मॉरिटानिया के राष्ट्रपति मोहम्मद ओल्ड शेख गज़ौआनी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से मिले संदेशों की जानकारी दी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब ने किन देशों के समर्थन की बात की है?
सऊदी अरब ने UAE, कतर और कुवैत पर हुए हमलों की निंदा की है और इन देशों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है।
रियाद को UN डिजिटल गवर्नमेंट सेंटर क्यों चुना गया?
रियाद को उसकी लीडरशिप और इनोवेशन को बढ़ावा देने की क्षमता की वजह से चुना गया है, ताकि AI और डिजिटल तकनीक के जरिए भविष्य को बेहतर बनाया जा सके।
