Saudi Arabia: सऊदी कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, देश की रक्षा के लिए उठाया जाएगा हर कदम.

सऊदी अरब की राजधानी Riyadh में राजा King Salman bin Abdulaziz Al Saud की अध्यक्षता में सऊदी काउंसिल ऑफ मंत्रियों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में देश की सुरक्षा और क्षमताओं की रक्षा करने के अधिकार को पूरी तरह से फिर से दोहराया गया। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब यमन की ओर से लगातार हमले किए जा रहे हैं और हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सऊदी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
यमन में बढ़ते हमले और सऊदी सरकार का रुख
यमन में हूती विद्रोहियों की ओर से लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिससे वहां के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान समर्थित इन विद्रोहियों ने हाल ही में लाल सागर के तटीय शहर मोखा और मारिब के केंद्रीय प्रांत को अपना निशाना बनाया है। इन इलाकों में लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। पिछले दिनों अल-मुखा शहर में हुए हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी और करीब 30 लोग घायल हो गए थे। इस लगातार बढ़ती हिंसा की वजह से एक बार फिर से गृहयुद्ध छिड़ने का डर पैदा हो गया है और दुनिया भर के समुद्री व्यापार के रास्ते भी खतरे में पड़ गए हैं।
समुद्री रास्तों पर हमला और वैश्विक चिंता
हूती विद्रोहियों की हरकतों की वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार के रास्ते भी सुरक्षित नहीं बचे हैं। बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास एक कार्गो जहाज पर अज्ञात चीज से हमला किया गया था, जिसमें कुछ लोगों के हताहत होने की खबर है। इसके अलावा सऊदी अरब के एक कमर्शियल जहाज को भी इसी इलाके में निशाना बनाया गया, जिसमें तीन क्रू मेंबर की जान चली गई। इन सभी घटनाओं के बाद सऊदी अरब अब लाल सागर के रास्ते होने वाले अपने तेल निर्यात पर किसी भी तरह के खतरे को रोकने के लिए कड़ी तैयारी कर रहा है। सऊदी प्रशासन ने साफ किया है कि वह समुद्री और जमीनी स्तर पर भी अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है ताकि इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
शांति की कोशिशों के बीच जारी है तनाव
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उन बैठकों के बाद अपनी स्थिति साफ कर दी थी जिसमें हूती हमलों की निंदा की गई थी। यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन Dr. Rashad al-Alimi ने बताया कि यमन की वैध सरकार ने कभी भी इस लड़ाई की शुरुआत नहीं की थी और न ही वे कभी ऐसा चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन वे अपनी इस प्रतिबद्धता का गलत फायदा किसी को नहीं उठाने देंगे। दूसरी तरफ, यमन के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि सऊदी अरब के साथ बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हुए हैं, जिससे यह साफ होता है कि इस पूरे मामले में कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत जारी है।