सऊदी अरब की कैबिनेट ने क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री Mohammed bin Salman की अध्यक्षता में हुई बैठक में तेल सुविधाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि यमन और इराक से सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा किए जा रहे हमलों का जवाब पूरी तरह से निर्णायक होगा। ये हमले रियाद और पूर्वी क्षेत्रों में स्थित तेल सुविधाओं के साथ-साथ लाल सागर में चल रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाकर किए गए थे।
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सुरक्षा और कूटनीति पर जोर
सरकार ने कहा कि कोई भी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों और अनुपात के सिद्धांत का पालन करते हुए की जाएगी। सऊदी प्रशासन ने इराकी सरकार से भी अपील की है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी प्रकार की आक्रामकता के लिए न होने दें। देश के नेतृत्व ने खाड़ी और लाल सागर में नेविगेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
शिक्षा और विकास के लिए नए कदम
घरेलू मोर्चे पर सरकार ने कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। इनमें नया General Education Law पेश किया गया है, जिसका लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और निजी व गैर-लाभकारी क्षेत्रों की भूमिका बढ़ाना है। साथ ही, Quality of Life Program के तहत गैर-तेल जीडीपी में वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने 2027 को Year of Water के रूप में घोषित किया है और रियल एस्टेट दस्तावेजों से जुड़ी सेवाओं को Real Estate General Authority के तहत स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, श्रम विवादों को अदालत ले जाने से पहले श्रम कार्यालयों में सुलझाने के नियम को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।
