ईरान ने Strait of Hormuz में कमर्शियल टैंकरों पर हमले किए हैं, जिसके बाद दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है। Saudi Arabia और Canada ने ईरान की इस हरकत की कड़ी निंदा की है। अमेरिका और ईरान के बीच इस समय खींचतान चल रही है और राष्ट्रपति Donald Trump ने बीच में किए गए युद्धविराम को खत्म घोषित कर दिया है।
Canada और Saudi Arabia का कड़ा रुख
Canada की विदेश मंत्री Anita Anand ने ईरान के इस कदम को गलत और बिना वजह बताया है। उन्होंने साफ कहा कि Canada इस मामले में खाड़ी देशों के साथ खड़ा है। वहीं, प्रधानमंत्री Mark Carney ने एक NATO समिट के दौरान ईरान के व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना बताया और अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई को सही ठहराया।
दूसरी तरफ, Saudi Arabia के विदेश मंत्रालय ने अपने तेल टैंकर Wedyan और कतर के टैंकर Al-Rekayyat पर हुए हमलों पर गहरा दुख जताया है। सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि इस हमले और इससे होने वाले किसी भी नुकसान के लिए ईरान कानूनी तौर पर पूरी तरह जिम्मेदार है। इस हमले की निंदा Kuwait, Syria, Arab Parliament और Muslim World League ने भी की है।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव
यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया जब US Central Command ने 7 जुलाई को ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका ने यह कदम कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए उठाया था। इसके जवाब में ईरान की Revolutionary Guards (IRGC) ने Bahrain और Kuwait में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर जवाबी हमले किए।
ईरान की चेतावनी
ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Baqer Qalibaf ने दावा किया कि Strait of Hormuz तभी दोबारा खुलेगा जब ईरान अपनी शर्तें तय करेगा। ईरान के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वे इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद कर सकते हैं क्योंकि अमेरिका ने उनके बीच हुए समझौते की शर्तों को तोड़ा है।
