सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) ने उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत दी है जो अपनी कानूनी उम्र पूरी कर रिटायर हो रहे हैं। अब ऐसे लोग अपने होम लोन या मॉर्टगेज की किस्तों को फिर से तय (reschedule) करवा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए बैंक आपसे कोई अतिरिक्त फीस या खर्चा नहीं वसूल सकेंगे।

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बैंकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई ग्राहक कानूनी रिटायरमेंट, अपनी मर्जी के बिना नौकरी खोने या किसी शारीरिक अक्षमता के कारण किस्तें नहीं भर पा रहा है, तो उसके लोन की शर्तों को बदला जाए। हालांकि, यह सुविधा उन लोगों को नहीं मिलेगी जिन्होंने खुद इस्तीफा दिया है, स्वेच्छा से जल्दी रिटायरमेंट लिया है या जिन्हें अनुशासनहीनता के कारण नौकरी से निकाला गया है।

लोन रीशेड्यूलिंग की प्रक्रिया के लिए ग्राहक को अपने बैंक की शाखा में जाकर जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। बैंक को सभी कागज मिलने के 20 वर्किंग दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जब तक रीशेड्यूलिंग का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक ग्राहक की किस्तों की कटौती को अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।

लोन रीशेड्यूलिंग के मुख्य नियम

विवरण नियम और शर्तें
अतिरिक्त शुल्क कोई एक्स्ट्रा फीस या चार्ज नहीं लगेगा
ब्याज दर (APR) कॉन्ट्रैक्ट में तय की गई APR में कोई बदलाव नहीं होगा
रियल एस्टेट लोन की उम्र आखिरी किस्त के समय उम्र 65 साल या कॉन्ट्रैक्ट की तय उम्र (जो भी ज्यादा हो) से अधिक नहीं होगी
कंज्यूमर लोन कटौती बेसिक सैलरी और फिक्स्ड अलाउंस का अधिकतम 33.33% ही कटेगा
रियल एस्टेट लोन कटौती लोन देते समय तय किए गए रेश्यो के हिसाब से कटौती होगी
कंज्यूमर लोन अवधि रिटायरमेंट के बाद लोन की अवधि बढ़ाने की छूट मिलेगी
क्रेडिट रिकॉर्ड रीशेड्यूलिंग के बाद SIMAH में रिकॉर्ड अपडेट करना जरूरी होगा

बैंकों को यह भी कहा गया है कि वे ग्राहकों को लोन की अवधि बढ़ाने से होने वाले कुल फायदे और अतिरिक्त रकम के बारे में साफ-साफ बताएं और उनकी लिखित मंजूरी लें। इसके अलावा, बैंकों को ग्राहकों के अन्य लोन और उनकी आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखना होगा।

रिटायरमेंट की उम्र में बदलाव

इस बीच, सऊदी अरब में सोशल इंश्योरेंस का नया कानून 3 जुलाई 2024 से लागू हो चुका है। इस नए कानून के तहत रिटायरमेंट की उम्र को 58 साल से बढ़ाकर धीरे-धीरे 65 साल किया जा रहा है। अब पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए रिटायरमेंट की उम्र एक समान होगी। अर्ली रिटायरमेंट के लिए अब कम से कम 30 साल की सर्विस जरूरी होगी, जो पहले 25 साल थी।

यह बदलाव मुख्य रूप से उन नए कर्मचारियों पर लागू होगा जिन्होंने अभी तक सोशल इंश्योरेंस में योगदान नहीं दिया है। 3 जुलाई 2024 तक जिन लोगों की सर्विस 20 साल से ज्यादा थी या जिनकी उम्र 50 हिजरी साल से अधिक थी, उन पर पुराना सिस्टम ही लागू रहेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.