Saudi Central Bank (SAMA) ने फाइनेंस कंपनियों के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। अब कोई भी फाइनेंस संस्थान ग्राहक की मर्जी के बिना लोन की किस्त समय से पहले नहीं काट सकेगा। इसके साथ ही, लेट फीस यानी देरी से भुगतान पर लगने वाले जुर्माने पर भी सीमा तय कर दी गई है। यह कदम सऊदी अरब के फाइनेंस सेक्टर में ग्राहकों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।
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अब बिना अनुमति नहीं कटेगा पैसा
नए नियमों के अनुसार, फाइनेंस संस्थान अब किसी भी ग्राहक के खाते से तब तक पैसे नहीं काट सकते जब तक कि उनके पास कोर्ट का आदेश न हो या ग्राहक ने खुद इसके लिए लिखित अनुमति न दी हो। भले ही लोन एग्रीमेंट में कुछ भी लिखा हो, बिना स्पष्ट मंजूरी के एक से अधिक किस्त एक साथ वेतन से नहीं काटी जा सकेगी।
जुर्माने की सीमा तय
बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोन चुकाने में देरी होने पर लगने वाला जुर्माना या कलेक्शन फीस बहुत ज्यादा नहीं हो सकती। नए नियमों के मुताबिक, यह जुर्माना पूरे लोन की अवधि के दौरान किसी भी एक किस्त की अधिकतम राशि से ज्यादा नहीं होना चाहिए। SAMA का उद्देश्य इन बदलावों के जरिए बैंकिंग सेक्टर में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों का भरोसा मजबूत करना है।
सऊदी सेंट्रल बैंक लगातार फाइनेंस कंपनियों के कामकाज पर नजर रख रहा है। इससे पहले दिसंबर 2025 में उन्होंने क्रेडिट कार्ड फाइनेंस के लिए प्रॉमिसरी नोट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था। जुलाई 2026 में नई माइक्रो कंज्यूमर फाइनेंस कंपनियों को लाइसेंस देकर भी बैंकिंग सुविधाओं को आम लोगों तक आसान बनाया गया है।
