सऊदी अरब में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) ने बैंकिंग सेवाओं के लिए नई फीस गाइडलाइन जारी की है। यह नया नियम शुक्रवार, 20 फरवरी से लागू हो रहा है। इसके तहत बैंक और पेमेंट कंपनियों द्वारा ली जाने वाली कई फीस में भारी कटौती की गई है। इसका सीधा फायदा वहां काम कर रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों को मिलेगा जो अक्सर पैसे भेजते हैं या बैंक सेवाओं का उपयोग करते हैं।

किन सेवाओं पर कम हुए दाम?

नई गाइडलाइन के मुताबिक, प्रशासनिक शुल्क और कार्ड से जुड़े चार्जेज में बड़ी राहत दी गई है। पुराने बैंकिंग टैरिफ की जगह अब यह नया सिस्टम काम करेगा। नीचे दी गई टेबल में आप देख सकते हैं कि किस सेवा के लिए अब अधिकतम कितना चार्ज लगेगा:

सेवा (Service) पुरानी फीस नई फीस/कैप
लोन एडमिन फीस 1% (मैक्स 5000 रियाल) 0.5% (मैक्स 2500 रियाल)
Mada कार्ड दोबारा जारी करना 30 रियाल 10 रियाल
Mada इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन अलग-अलग मैक्स 2%
घरेलू ट्रांसफर (2,500 रियाल तक) अलग-अलग मैक्स 0.5 रियाल
घरेलू ट्रांसफर (2,500 – 20,000) अलग-अलग मैक्स 1.0 रियाल
बैंक चेक जारी करना 10 रियाल 5 रियाल
अर्ली लोन रीपेमेंट (जल्दी लोन चुकाना) ~1% बैलेंस का मैक्स 3 महीने का ब्याज

पारदर्शिता और ग्राहकों के अधिकार

SAMA ने साफ किया है कि कोई भी बैंक या वित्तीय संस्थान तय सीमा से ज्यादा फीस नहीं वसूल सकता। इन नई दरों में VAT (वैट) शामिल नहीं है। बैंकों को सेवा देने से पहले ग्राहक को सारी फीस साफ-साफ बतानी होगी और उनकी लिखित या डिजिटल सहमति लेनी होगी। किसी भी कटौती या चार्ज के तुरंत बाद ग्राहक को SMS के जरिए सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है।

लोन चुकाने वालों को बड़ी राहत

जो लोग अपना लोन समय से पहले चुकाना चाहते हैं, उनके लिए यह नियम बहुत फायदेमंद है। अब अर्ली रीपेमेंट चार्ज (Early Repayment Charge) के तौर पर बैंक अधिकतम 3 महीने का ब्याज ही ले सकेंगे। जानकारों का कहना है कि इससे लोग अपने पुराने महंगे लोन को आसानी से बंद कर पाएंगे। यह नियम सभी बैंकों और ई-वॉलेट कंपनियों पर समान रूप से लागू होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.