सऊदी अरब के बच्चों में इंटरनेट और गेम्स के जरिए गलत चीजों का असर बढ़ रहा है. एक नई रिपोर्ट में पता चला है कि 15 साल से कम उम्र के 65 फीसदी बच्चे ऐसी फिल्में और गेम्स देख रहे हैं जो उनके लिए सही नहीं हैं. इस खतरे को देखते हुए अब Gulf देशों में बच्चों की डिजिटल सेफ्टी को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.
सऊदी अरब की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
King Khalid Foundation द्वारा जारी एक रिपोर्ट “The next generation of Saudis: childhood in Saudi Arabia” में ये चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. यह रिपोर्ट Saudi Center for Public Opinion Research द्वारा 2025 में किए गए एक सर्वे पर आधारित है. इस सर्वे को King Khalid Foundation, Saleh Kamel Humanitarian Foundation और Al-Muhaidib Foundation for Community Service ने मिलकर फंड किया था.
रिपोर्ट में बताया गया कि ऑनलाइन गेम्स खेलने वाले बच्चे ऐसे लोगों के संपर्क में आ रहे हैं जिनकी उम्र उनसे बहुत ज्यादा है. साथ ही उन्हें ऐसी भाषा और विषयों का सामना करना पड़ रहा है जो उनकी उम्र के हिसाब से सही नहीं हैं. यह भी देखा गया कि कुछ माता-पिता अब अपने बच्चों के “डिजिटल दोस्तों” को स्वीकार करने लगे हैं, जबकि कुछ बच्चे इन आभासी रिश्तों से नाखुश हैं.
बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकारी नियम
सऊदी अरब में बच्चों को गलत प्रभाव से बचाने के लिए पहले से ही कदम उठाए गए हैं. सितंबर 2023 में Saudi Public Prosecution ने ऐसी किसी भी सामग्री के खिलाफ चेतावनी दी थी जिससे बच्चों के व्यवहार और सोच में गड़बड़ी हो. साथ ही Saudi General Authority for Media Regulation ऑनलाइन कंटेंट और एल्गोरिदम पर नजर रख रहा है ताकि नाबालिगों को नुकसानदेह चीजों से बचाया जा सके.
UAE ने लागू किया कड़ा कानून
सऊदी की इस स्थिति के बीच UAE ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बहुत सख्त फैसला लिया है. 18 जून 2026 को UAE सरकार ने सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए न्यूनतम उम्र 15 साल तय कर दी है. अब 15 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया अकाउंट नहीं बना सकेंगे और न ही पब्लिक ग्रुप्स में शामिल हो पाएंगे.
UAE के कैबिनेट ने यह फैसला बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने के लिए लिया है. इसके लिए कंपनियों को AI तकनीक और डिजिटल पहचान के जरिए उम्र की जांच करनी होगी. इसके अलावा 1 जनवरी 2026 से लागू हुए Child Digital Safety (CDS Law) के तहत बच्चों को कमर्शियल ऑनलाइन गेमिंग में हिस्सा लेने से रोका गया है. 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा माता-पिता की अनुमति के बिना लेना भी अब मना है.