सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान इन दिनों बीजिंग के आधिकारिक दौरे पर हैं। यहां उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ एक अहम बैठक की। इस मुलाकात में दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और अन्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी।

दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि इन समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना पूरी दुनिया के लिए बहुत जरूरी है। अगर ये रास्ते सुरक्षित रहेंगे, तभी दुनिया भर में तेल और ऊर्जा की सप्लाई बिना किसी रुकावट के पहुंच पाएगी। इसके अलावा, यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए भी एक बड़ा कारण है।

तनाव और सुरक्षा की स्थिति

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। इस मुद्दे पर पहले भी कई महत्वपूर्ण बयान और फैसले सामने आए हैं:

  • चीन का रुख: अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की थी और कहा था कि यह रास्ता सबके लिए खुला रहना चाहिए क्योंकि यह पूरी दुनिया के हित में है।
  • सऊदी कैबिनेट का फैसला: 17 जून 2026 को सऊदी कैबिनेट ने साफ किया कि इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही वैसी ही होनी चाहिए जैसी 28 फरवरी को अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव शुरू होने से पहले थी।
  • GCC और अमेरिका की बैठक: 25 जून 2026 को हुई बैठक में मंत्रियों ने कहा कि इस रास्ते पर किसी भी तरह का नियंत्रण करना या टोल टैक्स लगाना गलत है और अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से यह रास्ता सबके लिए खुला रहना चाहिए।
  • UN की चेतावनी: अप्रैल 2026 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने चेतावनी दी थी कि यहां बढ़ता तनाव दुनिया के ऊर्जा बाजारों और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com