सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक अहम फोन कॉल हुई। इस बातचीत में मिडिल ईस्ट के तनाव और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसके असर पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि Strait of Hormuz से जहाजों का आना-जाना बिना किसी रुकावट के चलता रहना चाहिए ताकि दुनिया भर में तेल की सप्लाई बनी रहे।
Strait of Hormuz क्यों है इतना जरूरी और क्या हुई चर्चा?
Strait of Hormuz दुनिया के तेल और गैस की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता है। इस रास्ते की अहमियत को इन पॉइंट्स से समझा जा सकता है:
- यहाँ से दुनिया का करीब 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस गुजरती है।
- सऊदी क्राउन प्रिंस और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस रास्ते को खुला रखने की बात कही।
- अगर यह रास्ता बंद होता है तो पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई पर बुरा असर पड़ेगा।
मिडिल ईस्ट में शांति के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
बातचीत के दौरान मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष को खत्म करने पर जोर दिया गया। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि क्षेत्र में तुरंत युद्धविराम होना चाहिए और सभी दुश्मनी खत्म की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी विवादों को राजनीतिक और डिप्लोमेसी के जरिए सुलझाया जाए। वहीं, मोहम्मद बिन सलमान ने भरोसा दिलाया कि सऊदी अरब बातचीत के जरिए मसलों को हल करने के लिए तैयार है ताकि तनाव और न बढ़े और खाड़ी देशों की सुरक्षा बनी रहे।
सऊदी और चीन के रिश्तों में क्या खास है?
इस साल चीन और सऊदी अरब की रणनीतिक साझेदारी को 10 साल पूरे हो रहे हैं। राष्ट्रपति शी ने कहा कि चीन सऊदी अरब के साथ अपने भरोसे और सहयोग को और बढ़ाना चाहता है। क्राउन प्रिंस ने चीन को एक जिम्मेदार बड़ा देश बताया जो हमेशा सही और न्यायपूर्ण स्टैंड लेता है। दोनों देशों ने तय किया कि वे आने वाले समय में और ज्यादा तालमेल बिठाएंगे ताकि क्षेत्र में शांति रहे और सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित हो सके।