सऊदी अरब में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक ऑडियो स्पेस में दूसरे देश और उसके नेताओं का अपमान करने के आरोप में एक नागरिक को पब्लिक प्रोसिक्यूशन (Public Prosecution) के हवाले कर दिया गया है। जनरल अथॉरिटी फॉर मीडिया रेगुलेशन (GAMR) ने इस उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए मामला आगे बढ़ाया है। यह कदम सऊदी अरब के सख्त साइबर क्राइम कानून के तहत उठाया गया है ताकि मित्र देशों के साथ संबंधों और सोशल मीडिया के अनुशासन को बनाए रखा जा सके।
सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो पर कैसे हुई कार्रवाई?
सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी फॉर मीडिया रेगुलेशन (GAMR) ने 6 जून 2026 को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो स्पेस में नियमों का उल्लंघन करने वाला कंटेंट पकड़ा था। इस ऑडियो में एक मित्र देश के प्रतीकों और नेताओं के खिलाफ अपमानजनक बातें कही गई थीं। इसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपी नागरिक को तलब किया। 8 जून 2026 को जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रोसिक्यूशन को सौंप दिया गया।
सऊदी साइबर अपराध कानून और मिलने वाली सख्त सजा
सऊदी अरब में साल 2007 से लागू एंटी-साइबरक्राइम कानून के तहत यह एक गंभीर सूचना अपराध माना गया है। इस कानून की धारा 6 के मुताबिक, कोई भी ऐसा कंटेंट बनाना, भेजना या सुरक्षित रखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है जो सार्वजनिक व्यवस्था, धार्मिक मूल्यों, या दूसरों की निजता को नुकसान पहुंचाता हो।
- इस कानून के तहत मित्र देशों और उनके नेताओं या प्रतीकों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना सख्त मना है।
- नियमों का उल्लंघन करने पर आरोपी को अधिकतम 5 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
- इसके साथ ही दोषी पाए जाने पर 30 लाख सऊदी रियाल (3,000,000 SAR) तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
जनरल अथॉरिटी फॉर मीडिया रेगुलेशन ने साफ किया है कि सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नियमों का उल्लंघन करने वाले हर कंटेंट पर नजर रखी जा रही है और नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब में सोशल मीडिया पर किसी दूसरे देश का अपमान करने पर क्या सजा है?
सऊदी अरब के एंटी-साइबरक्राइम कानून की धारा 6 के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को अधिकतम 5 साल तक की जेल और 30 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।
इस मामले में किस सरकारी संस्था ने कार्रवाई की शुरुआत की?
इस मामले में जनरल अथॉरिटी फॉर मीडिया रेगुलेशन (GAMR) ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक ऑडियो कंटेंट की पहचान की और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मामले को पब्लिक प्रोसिक्यूशन को भेज दिया।
