सऊदी अरब में नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय (Civil Defense) ने रमजान के आखिरी 10 दिनों के लिए मक्का और मदीना में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इन दिनों हरम शरीफ में नमाजियों और जायरीनों की भारी भीड़ होती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सेफ्टी पेट्रोल और रैपिड रिस्पांस यूनिट तैनात कर दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

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जायरीनों के लिए क्या हैं नए नियम और दिशा-निर्देश?

मक्का और मदीना में भीड़ को कंट्रोल करने के लिए कई सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिनका पालन करना हर जायरीन के लिए जरूरी है।

  • वाहनों पर रोक: मस्जिद अल-हरम और मस्जिद-ए-नबवी के आस-पास के पैदल रास्तों पर मोटरसाइकिल, साइकिल और किसी भी अनाधिकृत वाहन को ले जाने पर पूरी तरह से रोक है।
  • डिजिटल एंट्री सिस्टम: मस्जिद के गेट पर डिजिटल इंडिकेटर लगाए गए हैं। अगर Green लाइट जल रही है तो अंदर जाने की अनुमति है। Red लाइट जलने पर अंदर जाना मना है क्योंकि इसका मतलब है कि क्षमता पूरी हो चुकी है।
  • इमरजेंसी रास्तों को खाली रखना: आपातकालीन रास्तों पर खड़े होने या वहां सोने पर सख्त रोक लगा दी गई है।
  • उमराह करने वालों के लिए प्राथमिकता: पब्लिक सिक्योरिटी के निदेशक के अनुसार, भीड़ वाले समय में सिर्फ उमराह करने वालों को ही माताफ (काबा का चक्कर लगाने की जगह) और ग्राउंड फ्लोर में जाने की इजाजत मिलेगी।

सुरक्षा और सुविधा के लिए क्या खास इंतजाम हुए हैं?

हरम शरीफ में आने वाले दुनिया भर के लोगों की मदद के लिए एक खास ‘स्मार्ट रोबोट’ काम पर लगाया गया है। यह रोबोट 96 भाषाओं में बोल सकता है और लोगों को सुरक्षा व जरूरी जानकारी दे रहा है। इसके अलावा मक्का और मदीना में 10 हजार से ज्यादा होटल और दुकानों की चेकिंग की गई है ताकि आग लगने जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

भीड़भाड़ वाले इलाकों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आसान बनाने के लिए 13 शटल स्टेशन और 16 बस रूट एक्टिव कर दिए गए हैं। इससे निजी गाड़ियों का दबाव कम होगा और लोग आसानी से सफर कर सकेंगे। प्रशासन ने एक खास नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म का ट्रायल भी पूरा कर लिया है जिसके जरिए लोगों के मोबाइल पर सीधे अलर्ट भेजा जा सकेगा।

किसी भी तरह की इमरजेंसी होने पर मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी क्षेत्र में मौजूद लोग 911 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। सऊदी के अन्य इलाकों में रहने वाले लोग मदद के लिए 998 पर संपर्क कर सकते हैं। सिविल डिफेंस ने लोगों से अपील की है कि वे मस्जिद के प्रवेश द्वारों पर भीड़ न लगाएं और गर्मी से परेशानी होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.