सऊदी अरब के कैपिटल मार्केट अथॉरिटी (CMA) ने निवेश को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। अब देश में फाइनेंसिंग इन्वेस्टमेंट फंड्स को शेयर बाज़ार में लिस्ट करने और पब्लिक के लिए उपलब्ध कराने की मंजूरी दे दी गई है। यह कदम सऊदी अरब के कैपिटल मार्केट को मज़बूत बनाने और निवेशकों के लिए नए विकल्प तैयार करने के लिए उठाया गया है। इससे पहले ये फंड केवल प्राइवेट तौर पर उपलब्ध थे, लेकिन अब आम आदमी भी इनमें निवेश कर सकेगा।

नए नियमों में क्या बदलाव किए गए हैं?

CMA बोर्ड ने 26 मार्च 2026 को इस नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य फाइनेंसिंग फंड्स के नियमों को आसान और स्पष्ट बनाना है। अब इन फंड्स को सऊदी स्टॉक एक्सचेंज के मेन मार्केट (Tadawul) और नोमू (Nomu) पैरेलल मार्केट में लिस्ट किया जा सकेगा। इसके लिए सरकार ने पहले जनता से सुझाव भी लिए थे।

  • पब्लिक फाइनेंसिंग फंड्स के लिए कर्ज की सीमा उनके नेट एसेट वैल्यू का 15% तय की गई है।
  • नोमू मार्केट में लिस्ट होने वाले फंड्स के लिए कर्ज की सीमा 50% तक हो सकती है।
  • कोई भी पब्लिक इनडायरेक्ट फंड किसी एक लाभार्थी पर 25% से ज्यादा का जोखिम नहीं ले सकेगा।
  • प्राइवेट फंड्स को अब कुछ शर्तों के साथ ओपन-एंडेड रहने की अनुमति दी गई है।

आम निवेशकों और प्रवासियों के लिए क्या है खास?

सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और वहां के स्थानीय लोगों के लिए निवेश के अब और भी सुरक्षित और सरकारी निगरानी वाले रास्ते खुल गए हैं। इन फंड्स के शेयर बाज़ार में आने से पारदर्शिता बढ़ेगी क्योंकि अब कंपनियों को अपनी तिमाही और सालाना रिपोर्ट निवेशकों को देनी होगी। इससे बाज़ार में पैसा बढ़ेगा और छोटे निवेशकों को भी बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा। शेयर बाज़ार में लिस्ट होने की वजह से इन फंड्स को खरीदना और बेचना अब पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com