सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और लेबर कैंप चलाने वाली कंपनियों के लिए एक बड़ी खबर है. Ministry of Municipalities and Housing ने सामूहिक आवास (Collective Housing) के लिए लाइसेंस नियमों को और सख्त कर दिया है. सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी कर्मचारी सुरक्षित और साफ-सुथरी जगहों पर रहें और उनके रहने का स्तर बेहतर हो सके.

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लाइसेंस प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

सरकार ने आवास नियमों को डिजिटल कर दिया है. 2025 की पहली छमाही में “Balady” प्लेटफॉर्म के जरिए 5,000 से ज्यादा लाइसेंस जारी किए गए हैं. यह कदम “More Beautiful Cities” प्रोग्राम का हिस्सा है, जिससे शहरों की खूबसूरती बढ़ाने और लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी. बता दें कि 21 जुलाई 2024 को इस मंत्रालय का नाम बदलकर Ministry of Municipalities and Housing कर दिया गया था.

इन कंपनियों के लिए लाइसेंस लेना जरूरी

नियमों के मुताबिक, ऐसी सभी कंपनियां या संस्थान जिनके पास 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उनके लिए सामूहिक आवास लाइसेंस लेना अब अनिवार्य है. इसके लिए कंपनियों के पास दो रास्ते हैं:

  • वे अपनी बिल्डिंग के लिए खुद सामूहिक आवास लाइसेंस प्राप्त करें.
  • या फिर वे पहले से लाइसेंस प्राप्त सामूहिक आवास यूनिट्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट करें.

लाइसेंस पाने के लिए जरूरी शर्तें

लाइसेंस पाने के लिए कंपनियों को Balady प्लेटफॉर्म पर आवेदन करना होगा. इसमें Absher के जरिए लॉगिन करके प्रॉपर्टी की जानकारी देनी होगी और मालिकाना हक या रेंटल डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे. इसके अलावा, सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है, जिनमें मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं:

  • आपातकालीन निकास (Emergency Exits) का होना.
  • आग बुझाने के सिस्टम और अलार्म डिवाइस की उपलब्धता.
  • Civil Defense जैसे संबंधित विभागों से जरूरी मंजूरी.

नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना

सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना लाइसेंस के सामूहिक आवास चलाने वाली कंपनियों को बख्शा नहीं जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने पर निम्नलिखित कार्रवाई की जा सकती है:

  • भारी वित्तीय जुर्माना लगाया जाएगा.
  • आवासीय सुविधा को तुरंत बंद किया जा सकता है.
  • Qiwa प्लेटफॉर्म के जरिए वीजा कोटा बढ़ाने या वर्कर ट्रांसफर करने जैसी सरकारी सुविधाओं पर रोक लगा दी जाएगी.

यह कदम विशेष रूप से उन भारतीय और अन्य प्रवासी कामगारों के लिए फायदेमंद होगा जो ग्रुप हाउसिंग में रहते हैं, क्योंकि अब उन्हें स्वास्थ्य और सुरक्षा के मानकों वाली जगह पर रहने का अधिकार मिलेगा.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com