सऊदी अरब के व्यापार मंत्रालय ने कंपनियों के लिए एक बड़ा और सख्त नियम लागू किया है। अब जो कंपनियां समय पर अपनी फाइनेंशियल रिपोर्ट जमा नहीं करेंगी, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह फैसला बिजनेस सेक्टर में पारदर्शिता और ईमानदारी बढ़ाने के लिए लिया गया है। यह नियम 15 मई 2026 से प्रभावी हो चुका है।

किसे देना होगा जुर्माना और क्या है नया नियम

सऊदी कॉमर्स मिनिस्टर डॉ. माजिद बिन अब्दुल्ला अल-कासबी ने इस आदेश को मंजूरी दी है। यह नियम उन सभी कंपनियों पर लागू होगा जो लिस्टेड जॉइंट स्टॉक कंपनियां नहीं हैं। कंपनियों को अपनी फाइनेंशियल रिपोर्ट सऊदी बिजनेस सेंटर के Qawaem प्लेटफॉर्म पर जमा करनी होगी। सरकार ने यह साफ किया है कि साल 2024 के वित्तीय विवरण जमा न करने वालों को केवल चेतावनी दी जाएगी, लेकिन उसके बाद अगर गलती दोहराई गई तो जुर्माना 50% तक बढ़ सकता है।

जुर्माने की रकम और कंपनियों की कैटेगरी

जुर्माने की राशि कंपनी के साइज, उसकी पूंजी और मैनेजमेंट में मौजूद अधिकारियों की संख्या के आधार पर तय की गई है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है।

कंपनी का प्रकार पूंजी (Capital) एक मैनेजर होने पर जुर्माना एक से ज़्यादा मैनेजर होने पर जुर्माना
छोटे और बहुत छोटे 4,000 रियाल 2,000 रियाल
अन्य कंपनियां 5 लाख रियाल या कम 8,000 रियाल 4,000 रियाल
अन्य कंपनियां 5 लाख रियाल से ज़्यादा 12,000 रियाल 6,000 रियाल
नॉन-लिस्टेड जॉइंट स्टॉक 5 मिलियन रियाल तक 15,000 रियाल 15,000 रियाल
नॉन-लिस्टेड जॉइंट स्टॉक 5 मिलियन रियाल से ज़्यादा 20,000 रियाल 20,000 रियाल

मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह पूरी प्रक्रिया सऊदी कंपनियों के कानून और उसके नियमों के तहत पूरी की जाएगी। उल्लंघन करने वालों को कानून की धारा 94 के तहत सूचित किया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह नियम किन कंपनियों पर लागू नहीं होता?

यह नियम उन जॉइंट स्टॉक कंपनियों पर लागू नहीं होता जो शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।

फाइनेंशियल स्टेटमेंट कहाँ जमा करना होगा?

सभी कंपनियों को अपनी फाइनेंशियल रिपोर्ट ऑनलाइन ‘Qawaem’ प्लेटफॉर्म पर जमा करनी होगी।