सऊदी अरब ने जॉर्डन पर ईरान की लगातार आक्रामकता की कड़ी निंदा की है। 30 जुलाई 2026 को रियाद ने जॉर्डन के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाते हुए कहा कि ईरान की यह हरकत अंतरराष्ट्रीय कानून और पड़ोसी देशों के बीच आपसी सम्मान के सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है। यह बयान तब आया जब जॉर्डन की सेना ने अपनी सीमा में ईरान की तरफ से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी Petra के अनुसार, इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है।

क्षेत्रीय तनाव और जवाबी कार्रवाई

ईरान की यह हरकत उस समय हुई जब अमेरिका ने ईरान पर अपने बेस पर हुए हमले का बदला लेने के लिए भारी स्ट्राइक की थी। इससे पहले 29 जुलाई 2026 को अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई की थी, जिसमें 20 लड़ाकों और 6 ईरानी सलाहकारों की मौत हो गई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही ईरान को करारा जवाब देने की बात कही थी।

GCC देशों की चिंता

ईरान की इन हरकतों को लेकर पूरे खाड़ी देशों में भारी नाराजगी है। Qatar ने भी ईरान के इस कदम को जॉर्डन की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इससे पहले 23 जुलाई 2026 को GCC सदस्य देशों और जॉर्डन ने संयुक्त रूप से ईरान की आक्रामकता की निंदा की थी। रिकॉर्ड के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 से ही कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के नागरिक बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिसे लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का हवाला देते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.