गुल्फ में बढ़ते तनाव के बीच Saudi Arabia की Foreign Ministry ने ईरान के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर बार-बार हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी। मंत्रालय ने इन हमलों को “ब्रूटल एग्रेसन” और इन देशों की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का “खुला उल्लंघन” बताया था।

सऊदी बयान में इसे खतरनाक बढ़त बताया गया था, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने की कोशिशों को नुकसान हुआ था। साथ ही, सऊदी ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के साथ पूरी एकजुटता जताई थी।

यह खबर खास तौर पर उन लोगों के लिए अहम रही जो Gulf में रहते थे या यात्रा करते थे, क्योंकि बयान में इन देशों के “क्षेत्र और एयरस्पेस” की सुरक्षा का भी जिक्र हुआ था।

सऊदी Foreign Ministry ने ईरानी हमलों पर क्या कहा था

  • सबसे कड़े शब्दों में निंदा: सऊदी विदेश मंत्रालय ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के खिलाफ ईरान की “ब्रूटल” कार्रवाइयों की निंदा की थी।
  • संप्रभुता का उल्लंघन: बयान में इन्हें इन देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का “ब्लैटेंट वॉयलेशन” कहा गया था।
  • सुरक्षा के लिए खतरा: मंत्रालय के मुताबिक ये हमले बहन देशों के इलाकों और उनके एयरस्पेस की सुरक्षा के लिए खतरा बने थे।

बहरीन, कुवैत और जॉर्डन को लेकर सऊदी का रुख क्या रहा था

  • पूरी एकजुटता: सऊदी अरब ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के साथ “फुल सॉलिडैरिटी” जाहिर की थी।
  • सुरक्षा कदमों का समर्थन: सऊदी ने कहा था कि ये देश अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता बचाने के लिए जो भी कदम उठाते, सऊदी उसका समर्थन करता।
  • खतरनाक बढ़त: बयान में इसे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा और एक “डेंजरस एस्केलेशन” बताया गया था।

जॉर्डन ने इन हमलों को कैसे बताया था

  • नागरिक और जरूरी ठिकानों पर निशाना: 2 जून 2026 को जॉर्डन ने कहा था कि हमलों में बहरीन और कुवैत के नागरिक और जरूरी ठिकाने प्रभावित हुए थे, जिनमें Kuwait International Airport का जिक्र भी आया था।
  • अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन: जॉर्डन के Foreign Ministry ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और UN Charter का उल्लंघन बताया था।
  • एक बार फिर समर्थन: 5 जून 2026 को जॉर्डन ने बहरीन और कुवैत के साथ अपनी एकजुटता दोहराई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने ईरान के किन देशों पर हमलों की निंदा की थी

Saudi Foreign Ministry ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर ईरान के बार-बार हुए हमलों की निंदा की थी। बयान में इसे इन देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन कहा गया था।

सऊदी बयान में हमलों को किस तरह का खतरा बताया गया था

मंत्रालय ने कहा था कि ये हमले बहन देशों के क्षेत्रों और उनके एयरस्पेस की सुरक्षा के लिए खतरा बने थे। इसे खतरनाक बढ़त बताकर क्षेत्र में सुरक्षा-स्थिरता की कोशिशों को नुकसान की बात कही गई थी।

कुवैत से जुड़ा कौन सा ठिकाना जॉर्डन के बयान में आया था

2 जून 2026 को जॉर्डन के बयान में Kuwait International Airport का जिक्र आया था। जॉर्डन ने कहा था कि हमलों में नागरिक और जरूरी सुविधाएं निशाने पर रहीं।