सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी सरकार ने इन हमलों को ब्रूटल यानी क्रूर और पूरी तरह से अनुचित करार दिया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच सऊदी अरब ने साफ किया है कि वह इन पड़ोसी देशों के साथ मजबूती से खड़ा है और क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है।

हमलों का ब्यौरा और मौजूदा स्थिति

16 जुलाई 2026 को ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में कई मिसाइलें और ड्रोन दागे। जॉर्डन की सेना ने अपनी सीमा में प्रवेश करने वाली आठ मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। वहीं कुवैत में ईरान ने अली अल सलेम एयर बेस को निशाना बनाने की कोशिश की, जहां चार मिसाइल और 21 ड्रोन दागे गए। हालांकि कुवैती अधिकारियों ने इन्हें इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन इससे कुछ जगह पर नुकसान हुआ। बहरीन में भी शेख ईसा एयर बेस के पास हमले के बाद सायरन बजाए गए।

तनाव के पीछे की मुख्य वजह

ये हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव का नतीजा हैं। हाल ही में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन करमानपुर के मुताबिक 35 से ज्यादा लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हुए हैं। सऊदी अरब ने अपील की है कि सभी देश सैन्य कार्रवाई रोकें और बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाएं। सऊदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन और पड़ोसियों की शांति को खतरे में डालने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.