कुवैत में ईरान और उसके समर्थकों ने ड्रोन हमले कर बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है. सऊदी अरब ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है. इस हमले की वजह से कुवैत के तेल और बिजली जैसे जरूरी सेंटर्स को काफी नुकसान पहुंचा है.

कुवैत में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?

कुवैत की सेना ने बताया कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने कई मिसाइलों और ड्रोन को रोका. इस दौरान 9 बैलिस्टिक मिसाइल, 4 क्रूज मिसाइल और 31 ड्रोन को हवा में ही इंटरसेप्ट किया गया. हालांकि, कुछ हमले निशाने पर लगे जिससे काफी नुकसान हुआ:

  • Kuwait Petroleum Corporation की कई सुविधाओं में भारी नुकसान हुआ.
  • बिजली बनाने और पानी साफ करने वाले दो बड़े प्लांट तबाह हो गए.
  • तेल सेक्टर के एक रिहायशी इलाके और सरकारी मंत्रालय की एक बिल्डिंग में आग लग गई.
  • राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी की जान नहीं गई.

सऊदी अरब और कुवैत सरकार का क्या कहना है?

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को ‘घिनौना’ करार दिया है. सऊदी सरकार ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर के खिलाफ है. सऊदी ने ईरान और उसके गुटों से मांग की है कि वे UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करें और अपनी हरकतों को तुरंत रोकें. सऊदी अरब ने कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई है.

वहीं, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला उनकी संप्रभुता और हवाई सीमा का उल्लंघन है. कुवैत ने साफ किया कि वह अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है.

ईरान ने अपनी सफाई में क्या कहा?

इन सभी आरोपों पर ईरान की Revolutionary Guards (IRGC) ने इनकार किया है. ईरान ने अपने सरकारी मीडिया के जरिए बताया कि उन्होंने युद्धविराम के समय किसी भी खाड़ी देश पर हमला नहीं किया. ईरान का दावा है कि अगर वे कोई हमला करते, तो इसकी आधिकारिक घोषणा सार्वजनिक रूप से की जाती.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में हुए हमलों में कौन सी जगहें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं?

इस हमले में कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, बिजली उत्पादन और पानी के डिसेलिनेशन प्लांट और एक मंत्रालय की बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुंचा और वहां आग लग गई.

सऊदी अरब ने ईरान को किस नियम का पालन करने को कहा है?

सऊदी अरब ने ईरान और उसके समर्थकों से UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने और सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को बंद करने की मांग की है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.