अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने जलमार्गों को बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिका भी उसके सामने पूरी नाकाबंदी कर देगा। इस बीच सऊदी अरब ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की किसी भी कोशिश की कड़ी निंदा की है और समुद्री सुरक्षा के लिए अमेरिकी प्रयासों का स्वागत किया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की सख्त चेतावनी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिकी कांग्रेस के सामने गवाही देते हुए स्पष्ट किया है कि अमेरिका ईरान के इस रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगा। अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ही ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी कर रखी है। रुबियो का कहना है कि यह नाकाबंदी पूरी तरह से सुरक्षात्मक है, लेकिन अगर ईरान की तरफ से कोई हमला होता है, तो अमेरिकी सेना इसका करारा जवाब देने के लिए तैयार है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा है कि वे समझौते के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं ताकि इस विवाद को सुलझाया जा सके।

सऊदी अरब का बड़ा बयान और ईरान की जवाबी कार्रवाई

सऊदी अरब ने इस मामले पर अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि समुद्री रास्तों पर जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही बेहद जरूरी है। सऊदी सरकार ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकियों की निंदा की है। दूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में 24 जहाज उनके समन्वय में वहां से गुजरे हैं, जिससे वे इस रास्ते पर अपना नियंत्रण दिखाना चाहते हैं। ईरानी अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अमेरिका के साथ नया युद्ध अब टाला नहीं जा सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की जिद की, तो अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी के जरिए इसे ईरान के लिए भी बंद कर देगा।

सऊदी अरब का इस पूरे विवाद पर क्या रुख है?

सऊदी अरब ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की किसी भी कोशिश की कड़ी निंदा की है और समुद्री रास्तों पर स्वतंत्र आवाजाही का समर्थन करते हुए अमेरिकी सुरक्षा प्रयासों का स्वागत किया है।