सऊदी अरब ने 30 जुलाई 2026 को कुवैत और जॉर्डन पर हुए हमलों की सख्त शब्दों में निंदा की है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को ईरान की क्रूर आक्रामकता बताया है। कुवैत के उत्तरी हिस्से में एक चीनी कंपनी के दफ्तर पर हुए मिसाइल हमले में एक कर्मचारी की मौत हुई है, जबकि जॉर्डन ने अपनी ओर दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
घटना की पूरी जानकारी
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि ईरानी हमले से एक इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं, जॉर्डन के सशस्त्र बलों ने बताया कि उन्होंने सफलतापूर्वक पांच मिसाइलों को मार गिराया है और वहां कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि वे इस मुश्किल समय में जॉर्डन और कुवैत के साथ खड़े हैं और सैन्य हमलों को तुरंत रोकने की मांग करते हैं।
क्षेत्र में बढ़ रहा तनाव
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और खतरनाक स्थिति बताया है। इस बीच, अमेरिकी सैन्य कमान CENTCOM ने घोषणा की कि उन्होंने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। ईरान के IRGC ने कुवैत के अली अल-सालेम सैन्य अड्डे और जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और सभी देश संयम बरतने की अपील कर रहे हैं।
