जेद्दा की एक लेबर कोर्ट ने एक अरब नाई को अपने मालिक को 40,866 रियाल का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस शख्स ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के अपनी नौकरी छोड़ी और कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा था। यह मामला उन सभी प्रवासियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बिना सोचे-समझे अपनी नौकरी बदलते हैं।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नाई 19 सितंबर 2024 को तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर जेद्दा आया था। उसका कॉन्ट्रैक्ट Ministry of Human Resources and Social Development के पास रजिस्टर्ड था। साल 2026 की शुरुआत में उसे मदीना में उसी पेशे के लिए दूसरा ऑफर मिला और वह अपने मालिक को बताए बिना वहां चला गया। जब उसने अपनी सर्विस ट्रांसफर करने की कोशिश की, तो नई कंपनी ने इसे रिजेक्ट कर दिया। इसके बाद वह अपने देश लौट गया, जिसके बाद पुरानी कंपनी ने उस पर केस कर दिया। कोर्ट में पेश न होने की वजह से फैसला कंपनी के पक्ष में आया और नाई को उसके कॉन्ट्रैक्ट के बचे हुए 621 दिनों का पैसा देना पड़ा।

सऊदी लेबर लॉ के जरूरी नियम

वकील रायान अब्दुलरहमन अल-जुहानी ने सलाह दी है कि किसी भी कदम को उठाने से पहले कानूनी मदद जरूर लें। सऊदी लेबर लॉ में नौकरी छोड़ने और निकालने के लिए अलग-अलग नियम हैं, जिन्हें समझना हर प्रवासी के लिए जरूरी है:

  • Article 77: अगर कोई भी पक्ष बिना वजह कॉन्ट्रैक्ट खत्म करता है, तो उसे दूसरे पक्ष को मुआवजा देना होता है। फिक्स्ड-टर्म कॉन्ट्रैक्ट के मामले में यह मुआवजा बचे हुए दिनों की सैलरी के बराबर होता है, जो कम से कम दो महीने की तनख्वाह होनी चाहिए।
  • Article 81: इसमें कर्मचारी को यह हक है कि अगर मालिक कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों को नहीं मानता, सैलरी नहीं देता या कोई गलत व्यवहार करता है, तो वह बिना नोटिस दिए इस्तीफा दे सकता है।
  • Article 80: इसके तहत मालिक कर्मचारी को बिना किसी मुआवजे के निकाल सकता है, अगर कर्मचारी ने कोई गंभीर गलती की हो, जैसे हिंसा करना, धोखाधड़ी करना या लगातार बिना बताए गैरहाजिर रहना।

Qiwa प्लेटफॉर्म और कॉन्ट्रैक्ट की अहमियत

Ministry of Human Resources and Social Development ने अब सभी कंपनियों के लिए Qiwa प्लेटफॉर्म पर कॉन्ट्रैक्ट डॉक्यूमेंट करना अनिवार्य कर दिया है। अब Qiwa पर वेरिफाई हुए कॉन्ट्रैक्ट्स को कानूनी रूप से बहुत मजबूत माना जाता है और इन्हें बिना लंबी कोर्ट प्रक्रिया के लागू किया जा सकता है।

नियमों के मुताबिक, कंपनियों को अपने कॉन्ट्रैक्ट्स का एक बड़ा हिस्सा इस प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करना होगा। अगर कॉन्ट्रैक्ट डॉक्यूमेंट नहीं है, तो कंपनियों को Nitaqat कैटेगरी में नुकसान हो सकता है और उनके वीज़ा सेवाओं या इकामा रिन्यूअल में दिक्कत आ सकती है। यह सिस्टम प्रवासियों और मालिकों दोनों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com