सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच मंगलवार, 24 मार्च 2026 को फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस बातचीत का मुख्य केंद्र क्षेत्र में चल रहे सैन्य तनाव और इसके अंतरराष्ट्रीय शांति पर पड़ने वाले प्रभाव रहे। दोनों नेताओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय नौवहन यानी समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं।

क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य स्थिति पर क्या चर्चा हुई?

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सऊदी अरब को ब्रिटेन के पूरा समर्थन का भरोसा दिया। उन्होंने जानकारी दी कि ब्रिटेन क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सैन्य उपकरण तैनात कर रहा है। बातचीत के दौरान ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई। क्राउन प्रिंस और ब्रिटिश पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा सैन्य तनाव न केवल क्षेत्रीय बल्कि पूरी दुनिया की शांति के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है।

समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक रास्तों पर बड़े अपडेट

क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुचारू रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं:

  • बहरीन का प्रस्ताव: बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया है ताकि Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
  • ब्रिटेन की योजना: ब्रिटेन और उसके सहयोगी देश समुद्री मार्गों के जरिए सामानों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष प्लान पर काम कर रहे हैं।
  • हवाई क्षेत्र पर असर: सुरक्षा कारणों से इराक ने अपने हवाई क्षेत्र को 72 घंटों के लिए बंद करने का फैसला लिया है।
  • प्रवासियों पर प्रभाव: समुद्री और हवाई रास्तों में पैदा हुई इस बाधा से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की यात्रा और सामान की डिलीवरी पर असर पड़ सकता है।

प्रमुख घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

देश / संस्था ताज़ा अपडेट और कार्रवाई
यूएई (UAE) ईरानी हमलों की निंदा की और कूटनीतिक समाधान की अपील की।
IMO समुद्री खतरों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने विशेष बैठक की।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेतावनी दी कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।

यह तनाव पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बढ़ रहा है, जिससे कम से कम 16 देश प्रभावित हो रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां और अंतरराष्ट्रीय संगठन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि इसे और फैलने से रोका जा सके।