सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस ने बहरीन की जमीन पर हुए ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। सऊदी अरब ने बहरीन के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है और कहा है कि अपनी सुरक्षा के लिए बहरीन जो भी कदम उठाएगा, सऊदी उसमें उसका पूरा साथ देगा। यह बातचीत बहरीन और कुवैत पर हुए हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद हुई है।
सऊदी अरब और बहरीन के बीच फोन पर क्या बातचीत हुई?
4 जून 2026 को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर बात की। इस बातचीत में सऊदी क्राउन प्रिंस ने बहरीन पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब इस मुश्किल वक्त में बहरीन के साथ खड़ा है। बहरीन अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को बचाने के लिए जो भी कदम उठाएगा, उसे सऊदी अरब का पूरा समर्थन मिलेगा। दोनों नेताओं ने क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए आपस में तालमेल बढ़ाने पर भी चर्चा की।
बहरीन और कुवैत पर क्या हमले हुए थे?
3 जून 2026 को बहरीन की सेना ने जानकारी दी थी कि उन्होंने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर दागी गईं तीन मिसाइलों और कई ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। बहरीन ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिकी और बहरीनी सेना ने मिलकर इन मिसाइलों को मार गिराया। इसके अलावा कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाकर ड्रोन दागे गए थे, जिससे वहां नुकसान हुआ है।
ईरान ने इन हमलों पर क्या सफाई दी है?
इन हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक अलग दावा किया है। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों से जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक तेल टैंकर और कश्म द्वीप (Qeshm Island) पर हमला किया था। ईरान ने इसके लिए कुवैत और बहरीन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। इस पूरे मामले पर सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने पहले ही कड़ा रुख अपनाते हुए इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी क्राउन प्रिंस और बहरीन के किंग के बीच कब बातचीत हुई?
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और बहरीन के किंग के बीच यह फोन कॉल 4 जून 2026 को हुई, जिसमें बहरीन पर हुए हमलों की निंदा की गई।
बहरीन पर मिसाइल हमले कब हुए थे?
बहरीन पर यह मिसाइल और ड्रोन हमले 3 जून 2026 को हुए थे, जिन्हें अमेरिकी और बहरीनी सेना ने मिलकर हवा में ही नष्ट कर दिया था।
