सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच एक बेहद अहम फोन कॉल हुआ। इस बातचीत में दोनों बड़े नेताओं ने दुनिया की नज़र में मौजूद क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा के गंभीर मुद्दों पर चर्चा की। खास तौर पर Strait of Hormuz के समुद्री रास्ते को खुला रखने और शांति बनाए रखने पर ज़ोर दिया गया ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर न पड़े।

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सऊदी और चीन के बीच किन मुख्य बातों पर हुई चर्चा?

इस फोन कॉल के दौरान regional tensions को कम करने और शांति के प्रयासों पर विस्तार से बात हुई। राष्ट्रपति Xi Jinping ने मिडिल ईस्ट के विवादों को राजनीतिक और डिप्लोमैटिक तरीके से सुलझाने और तुरंत युद्धविराम (ceasefire) की वकालत की। बातचीत के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • Strait of Hormuz: दोनों नेताओं ने माना कि जहाजों का आवागमन बिना किसी रुकावट के जारी रहना चाहिए क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के लिए ज़रूरी है।
  • सुरक्षा और अर्थव्यवस्था: क्षेत्रीय घटनाक्रमों का वैश्विक सुरक्षा और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, इस पर चर्चा हुई।
  • विवादों का समाधान: क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने कहा कि सऊदी अरब बातचीत के ज़रिए विवाद सुलझाने और तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।

सऊदी-चीन संबंधों का भविष्य और रणनीतिक साझेदारी क्या है?

चीन और सऊदी अरब के बीच संबंध अब एक नए स्तर पर पहुँच चुके हैं। साल 2026 इन दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (comprehensive strategic partnership) की 10वीं सालगिरह है। इस मौके पर राष्ट्रपति Xi Jinping ने कहा कि चीन सऊदी अरब के साथ आपसी सम्मान, समानता और mutual benefit के सिद्धांतों पर रिश्ता बनाए रखना चाहता है।

वहीं क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने चीन के साथ सऊदी अरब के रिश्तों को रणनीतिक बताया और कहा कि चीन के साथ बढ़ते संबंध सऊदी अरब के लिए बहुत ज़रूरी हैं। दोनों देशों ने भविष्य में अलग-अलग सेक्टरों में सहयोग को और बढ़ाने और रणनीतिक संबंधों को मज़बूत करने पर सहमति जताई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब और चीन के बीच यह फोन कॉल कब हुआ?

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और चीन के राष्ट्रपति के बीच यह अहम बातचीत 20 अप्रैल 2026 को हुई।

Strait of Hormuz को लेकर क्या चर्चा हुई?

दोनों नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि Strait of Hormuz से जहाजों का रास्ता खुला रहना चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।