कुवैत पर लगातार हो रहे ईरानी हमलों के बीच सऊदी अरब ने कड़ा रुख अपना लिया है। सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 22 जुलाई 2026 को कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबा से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने कुवैत पर हो रहे ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और हर परिस्थिति में कुवैत के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
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हमलों से बुनियादी ढांचे को नुकसान
क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिसका असर आम जनजीवन पर भी दिख रहा है। कुवैत में हाल ही में हुए हमलों के कारण वहां के पावर और पानी के प्लांट (डिसैलिनेशन प्लांट) को नुकसान पहुंचा है। इन हमलों में कुवैत के कई सैन्य कर्मियों के घायल होने की भी खबर है। कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम लगातार ईरानी ड्रोन हमलों को नाकाम करने की कोशिश कर रही है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब मध्य-पूर्व में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा ईरान के ठिकानों पर की जा रही कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान की ओर से कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे देशों पर किए जा रहे हमले चिंता का विषय बने हुए हैं। सऊदी अरब ने पहले भी 16 और 18 जुलाई 2026 को इन हमलों की निंदा की थी और साफ कहा था कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना गलत है। सऊदी और कुवैती नेतृत्व ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के प्रयासों पर भी चर्चा की।
