सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और सूडान ट्रांजिशनल सोवरेनिटी काउंसिल के चेयरमैन के बीच एक अहम मुलाकात हुई. इस मीटिंग में सूडान के मौजूदा हालातों और वहां चल रही जंग को रोकने के तरीकों पर विस्तार से बात की गई. दुनिया भर के बड़े देश सूडान में शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि आम लोगों की मुश्किलें कम हो सकें.

सऊदी प्रिंस और सूडान काउंसिल की मुलाकात में क्या हुआ?

सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, 20 अप्रैल 2026 को क्राउन प्रिंस ने सूडान के ट्रांजिशनल सोवरेनिटी काउंसिल के चेयरमैन से बातचीत की. दोनों नेताओं ने सूडान के ताजा घटनाक्रमों और वहां की स्थिति पर चर्चा की. इस मुलाकात का मुख्य मकसद सूडान में चल रहे विवाद को सुलझाना और वहां स्थिरता लाना है.

सूडान की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या कदम उठाए गए?

15 अप्रैल 2026 को बर्लिन में तीसरी अंतरराष्ट्रीय सूडान कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. इसमें यूरोपीय संघ, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने हिस्सा लिया. इस कॉन्फ्रेंस में मानवीय सहायता के लिए 1.5 बिलियन यूरो की मदद देने का वादा किया गया, जिसमें से अकेले यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों ने 811 मिलियन यूरो का योगदान दिया. इस कोशिश का मकसद एक नागरिक केंद्रित शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है.

सूडान में अभी जमीनी हालात कैसे हैं?

सूडान में सूडानी सेना (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच संघर्ष जारी है. 23 अप्रैल 2026 को सूडानी सेना ने छह राज्यों में बड़े स्तर पर हवाई और जमीनी हमले किए ताकि RSF के ठिकानों और उनके हथियारों के गोदामों को नष्ट किया जा सके. वहीं संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 21 अप्रैल की अपनी रिपोर्ट में वहां भुखमरी और लोगों के विस्थापन के गंभीर खतरे की चेतावनी दी है.