सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर बात की है। मंगलवार को हुई इस बातचीत में सऊदी अरब ने साफ कर दिया है कि वह अपने देश की जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी हमले के लिए नहीं होने देगा। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है और अमेरिका ने अपनी फौज बढ़ा दी है।

क्या है सऊदी का ‘रेड लाइन’ फैसला?

सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, क्राउन प्रिंस ने जोर देकर कहा कि किंगडम अपनी संप्रभुता का सम्मान करता है। उन्होंने एक तरह से ‘रेड लाइन’ खींच दी है कि कोई भी बाहरी ताकत सऊदी के रास्ते ईरान पर हमला नहीं कर सकती। यह फैसला दोनों देशों के बीच भरोसे को मजबूत करने और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए लिया गया है।

ईरान की मिलिट्री ड्रिल और अमेरिका की एंट्री

उधर, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास मिलिट्री ड्रिल शुरू कर दी है। इसके लिए 27 से 29 जनवरी तक विमानों के लिए चेतावनी (NOTAM) जारी की गई है। अमेरिका ने भी अपना युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन तैनात कर दिया है।

  • खतरा जोन: 5 नॉटिकल मील का दायरा।
  • ऊंचाई: जमीन से 25,000 फीट ऊपर तक का रास्ता बंद।
  • चेतावनी: नागरिक विमानों के लिए इसे खतरनाक बताया गया है।

बाजार पर असर: महंगा हुआ तेल

भले ही सऊदी अरब ने शांति की बात की हो, लेकिन बाजार में डर का माहौल है। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3% का उछाल आया है। व्यापारियों को डर है कि अगर कोई अनहोनी हुई तो तेल की सप्लाई रुक सकती है।

तेल का प्रकार नई कीमत (प्रति बैरल)
ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) $66.72
WTI क्रूड $62.46
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.