सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री Mohammed bin Salman ने शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 की सुबह मदीना में पैगंबर की मस्जिद (Masjid-e-Nabawi) का दौरा किया। उन्होंने पवित्र Rawdah Al-Sharifah में नमाज अदा की और पैगंबर मोहम्मद (peace be upon him) का अभिवादन किया। यह दौरा रमजान के पवित्र महीने के दौरान हुआ है, जो श्रद्धालुओं के लिए बेहद खास समय होता है।

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मस्जिद-ए-नबवी और कुबा मस्जिद में इबादत की जानकारी

क्राउन प्रिंस ने उस स्थान पर नमाज पढ़ी जिसे ‘Riyad ul-Jannah’ यानी जन्नत की क्यारी कहा जाता है। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद और उनके दो साथियों, अबू बक्र अल-सिद्दीक और उमर इब्न अल-खत्ताब को सलाम पेश किया। मस्जिद-ए-नबवी में अपना समय बिताने के बाद, वह Quba Mosque भी गए और वहां नमाज अदा की। इस दौरान Sheikh Dr. Abdulrahman Al-Sudais और हज मंत्री Dr. Tawfiq Al-Rabiah भी उनके साथ मौजूद रहे। प्रशासन ने मक्का और मदीना में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बेहतर किया है।

आम लोगों के लिए रियाद उल जन्नत में प्रवेश के नियम

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य जायरीन जो यहां नमाज पढ़ना चाहते हैं, उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। प्रशासन ने भीड़ को संभालने के लिए Nusuk platform के जरिए नियम बनाए हैं।

  • परमिट है जरूरी: बिना परमिट के Rawdah Al-Sharifah में प्रवेश नहीं मिलेगा, इसे ऐप से बुक करना होगा।
  • साल में एक मौका: एक व्यक्ति को 365 दिनों में केवल एक बार ही परमिट जारी किया जाता है।
  • कोई फीस नहीं: परमिट लेने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है।
  • समय का ध्यान रखें: पुरुषों और महिलाओं के लिए जियारत का समय अलग-अलग तय किया गया है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.