Sudan Crisis: सऊदी क्राउन प्रिंस ने सूडान के नेता से की मुलाकात, सऊदी ने सूडान की एकता और स्थिरता का किया समर्थन

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जेद्दा में सूडान के ट्रांजिशनल सोवरेनिटी काउंसिल के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल अब्देल फतह अल-बुरहान से मुलाकात की. इस मुलाकात में सूडान में चल रही जंग और वहां के ताजा हालातों पर गंभीर चर्चा हुई. सऊदी अरब ने एक बार फिर सूडान की एकता और स्थिरता के लिए अपनी पूरी मदद का भरोसा दिलाया है.

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सऊदी अरब और ओमान ने सूडान के मुद्दे पर क्या कहा?

सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सूडान की एकता और सुरक्षा बहुत जरूरी है. सऊदी सरकार ने RSF (रैपिड सपोर्ट फोर्सेस) द्वारा किए गए मानवाधिकार उल्लंघन की कड़ी निंदा की है. खासकर अल-फेशर में अस्पतालों और राहत काफिलों पर हुए हमलों को गलत बताया गया है. सऊदी ने मांग की है कि RSF तुरंत हिंसा रोके और अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से मानवीय सहायता पहुंचाने दे.

वहीं ओमान ने भी इस मामले में अपनी राय रखी है. ओमान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव का स्वागत किया है जिसमें युद्धविराम की बात कही गई है. ओमान ने दारफुर के ज़मज़म और अबू शौब कैंपों पर हुए हमलों की निंदा की और शांति के लिए आपसी बातचीत करने की अपील की है.

UN और सूडान सरकार की क्या राय है?

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने सूडान के हालात पर गहरी चिंता जताई है. मानवाधिकार विशेषज्ञ राधौने नुइसर ने कहा कि बाहरी देशों द्वारा हथियारों की सप्लाई करना गलत है और इससे जंग और लंबी खिंच रही है. UN की मानवीय समन्वयक डेनिस ब्राउन ने चेतावनी दी कि सूडान का संकट अब चौथे साल में पहुंच गया है और वहां आम लोगों की मौतें, विस्थापन और हिंसा जारी है.

सूडान के विदेश मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि युद्ध खत्म करने के लिए कोई भी प्रस्ताव तभी मंजूर होगा जब उसमें देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता का सम्मान किया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय हितों और सरकारी संस्थाओं की एकता से समझौता नहीं किया जाएगा.