सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और सूडान की ट्रांजिशनल सॉवरेन काउंसिल के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल अब्देल फत्ताह अल-बुरहान के बीच जेद्दा में एक बड़ी बैठक हुई। इस मुलाकात में सूडान के मौजूदा हालात और वहां शांति बहाल करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने सूडान की सुरक्षा और उसकी एकता को बनाए रखने पर खास जोर दिया।

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बैठक में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?

इस मीटिंग में सूडान में हो रही हलचल और उसके असर पर बात की गई। सऊदी अरब और सूडान के अधिकारियों ने कहा कि सूडान की संप्रभुता और उसकी सीमाओं की रक्षा करना बेहद जरूरी है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) ने पुष्टि की है कि बातचीत का मुख्य मकसद सूडान में स्थिरता लाना और शांति के लिए जारी कोशिशों को आगे बढ़ाना था।

मुलाकात में कौन-कौन से बड़े अधिकारी शामिल थे?

सऊदी की तरफ से प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान मौजूद थे। सूडान की तरफ से विदेश मंत्री राजदूत मोहियुद्दीन इब्राहिम और इंटेलिजेंस सर्विस के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद इब्राहिम मुफद्दल शामिल हुए। इनके अलावा मक्का के डिप्टी गवर्नर प्रिंस सऊद बिन मिशाल और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर डॉ. मुसैद अल-ऐबन भी वहां मौजूद रहे।

सूडान के हालात और सऊदी अरब का कदम क्या है?

सूडान में चल रहा संघर्ष अब चौथे साल में प्रवेश कर चुका है। सऊदी अरब और मिस्र सूडान सरकार को अंतरराष्ट्रीय शांति रोडमैप मानने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक, सऊदी अरब ने पाकिस्तान और सूडान के बीच 1.5 बिलियन डॉलर के हथियारों के सौदे को रोकने की कोशिश की है, ताकि राजनीतिक समर्थन देते हुए भी युद्ध को और बढ़ने से रोका जा सके।