15 मार्च 2026 को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई है। इस बातचीत में मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने गल्फ देशों पर हो रहे हमलों को खतरनाक बताया और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

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सऊदी अरब और UAE का सुरक्षा पर क्या रुख है?

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने UAE के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है। उन्होंने UAE की सुरक्षा के लिए सऊदी के सभी संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही है। SPA और WAM न्यूज़ एजेंसियों के अनुसार, दोनों देशों ने ईरान द्वारा हो रहे हमलों को एक बड़ा खतरा माना है। GCC देशों ने साफ़ किया है कि वे अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

इस तनाव का आम लोगों और उड़ानों पर क्या असर हुआ?

गल्फ में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। हाल ही में हुए तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में 3000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं। इससे सफर करने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सरकारों ने आम लोगों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

  • एयर डिफेंस: सऊदी और UAE के सिस्टम ने 14 मार्च को कई मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।
  • आम नागरिक: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रिहायशी और आम नागरिकों वाले इलाकों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।
  • शांति का प्रयास: UAE के अधिकारियों ने कहा है कि वे अपनी रक्षा का अधिकार रखते हैं लेकिन हालात को सामान्य रखने के लिए संयम बरत रहे हैं।