सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से फोन पर बातचीत की। इस कॉल के दौरान क्राउन प्रिंस ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। पाकिस्तान की कोशिशों से दोनों देशों के बीच सैन्य अभियान खत्म करने पर सहमति बनी है।

प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस समझौते को “इस्लामाबाद मेमोरेंडम” का नाम दिया है और इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। इस डील के तहत अब लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान तुरंत और हमेशा के लिए बंद कर दिए जाएंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस डील की पुष्टि की है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने का आदेश दिया है।

सऊदी अरब और पाकिस्तान की भूमिका

सऊदी अरब ने पहले ही 15 और 16 जून को अपने विदेश मंत्रालय और कैबिनेट के जरिए इस समझौते का समर्थन किया था। प्रधानमंत्री शरीफ ने इस कामयाबी के लिए सऊदी अरब के समर्थन की तारीफ की और इसे कूटनीतिक जीत बताया। क्राउन प्रिंस ने पाकिस्तान और फील्ड मार्शल Syed Asim Munir के प्रयासों की सराहना की जिन्होंने इस शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां

  • ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने पाकिस्तान की कोशिशों के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।
  • ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और पाकिस्तानी पीएम के बीच भी बात हुई, जिसमें डील को लागू करने पर चर्चा हुई।
  • इस शांति समझौते के साइन होने की तारीख 19 जून 2026 तय की गई थी, लेकिन अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance के स्विट्जरलैंड जाने में कुछ दिक्कतों की वजह से इसमें देरी हुई।

इस समझौते का असर आने वाले समय में आम लोगों पर भी पड़ेगा। माना जा रहा है कि इससे दुनिया भर में तेल की कीमतों में गिरावट आएगी, जिससे अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। अब सऊदी अरब और पाकिस्तान का ध्यान इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच अगली बातचीत कैसे आगे बढ़े और इस शांति प्रक्रिया को कोई नुकसान न पहुंचे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.