Saudi Arabia: सऊदी कलीनरी आट्स कमीशन ने मदीना क्षेत्र के 35 पारंपरिक खाद्य उत्पादों को वैश्विक 'शिप ऑफ टेस्ट' रजिस्ट्री में किया शामिल

सऊदी अरब से एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है जहां देश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है। सऊदी कलीनरी आट्स कमीशन ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि मदीना क्षेत्र के 35 पारंपरिक खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय 'शिप ऑफ टेस्ट' रजिस्ट्री में शामिल कर लिया गया है। इस कदम से सऊदी अरब के स्थानीय खानपान और पारंपरिक चीजों को दुनिया भर में एक नई पहचान मिलेगी और लोग इसके बारे में जान सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय संगठन द्वारा चलाई जा रही है यह पहल
यह पूरी पहल वैश्विक संस्था स्लो फूड संगठन द्वारा चलाई जाती है। यह संगठन एक डिजिटल कैटलॉग तैयार करता है जिसका मुख्य काम दुर्लभ खानपान की विरासत, जैव विविधता और पारंपरिक उत्पादन के तरीकों को बचाकर रखना है। इस बार मदीना से चुने गए इन 35 उत्पादों में अल-ऐस गेहूं, अल-बर्नी खजूर और अल-फकरा पहाड़ी शहद जैसी बहुत ही खास चीजें शामिल हैं। इन सभी चीजों को इस लिस्ट में जोड़ना देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अब तक कुल 180 उत्पाद हो चुके हैं रजिस्टर
कमीशन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक यह फैसला एक बड़े राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है। इसके तहत अब तक कुल 180 सऊदी उत्पादों को इस अंतरराष्ट्रीय सूची में रजिस्टर किया जा चुका है। इन सभी खाने की चीजों और खेती के उत्पादों को दस्तावेज के रूप में सुरक्षित करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण भोजन को विलुप्त होने से बचाया जा सके। इसके साथ ही इन चीजों से जुड़े स्थानीय उत्पादकों को आर्थिक रूप से भी काफी मदद मिलेगी।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
कमीशन ने इस बात पर खास जोर दिया कि इसमें अल-हम्माती अल-मदीनी जैसे उत्पादों को शामिल किया गया है जो कि पारंपरिक डिश जैसे अल-दबियाजा का एक मुख्य हिस्सा है। यह चीज सऊदी अरब के स्थानीय खानपान के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्य को पूरी दुनिया के सामने रखती है। इस तरह की पहल से न सिर्फ आने वाली पीढ़ियों के लिए पारंपरिक ज्ञान सुरक्षित रहता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सऊदी कृषि और खानपान उत्पादों का स्तर भी काफी ऊंचा होता है।