सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने रविवार, 22 मार्च 2026 को जानकारी दी कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने रियाद के ऊपर एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोक दिया है। मंत्रालय के अनुसार दो अन्य मिसाइलें आबादी से दूर खाली इलाकों में गिरीं जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके साथ ही सेना ने पूर्वी प्रांत (Eastern Province) में एक के बाद एक 15 ड्रोन को मार गिराया। इन हमलों को सऊदी अरब के ऊर्जा क्षेत्र और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश माना जा रहा है।

ℹ: Kuwait Flight Update: कुवैत एयरपोर्ट बंद होने से बढ़ी मुश्किलें, अब जमीन और समंदर के रास्ते आएगा सामान

रक्षा मंत्रालय ने हमलों को लेकर क्या जानकारी दी?

रक्षा प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने बताया कि सऊदी सेना लगातार हवाई खतरों का सामना कर रही है। हमलों की शुरुआत रात के समय हुई जब पूर्वी प्रांत के ऊपर चार ड्रोन को मार गिराया गया। इसके कुछ घंटों बाद फिर से ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं। रियाद की ओर कुल तीन बैलिस्टिक मिसाइलें भेजी गई थीं जिनमें से एक को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया गया। सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोपहर तक कुल 15 ड्रोन को खत्म कर दिया।

मिसाइल और ड्रोन हमलों के ताजा आंकड़े क्या हैं?

क्षेत्र में 28 फरवरी 2026 के बाद से तनाव काफी बढ़ गया है और हमलों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन बताया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए सुरक्षा के लिहाज से यह एक चिंताजनक स्थिति है क्योंकि हमले ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं।

हमले का प्रकार कुल संख्या (28 फरवरी से अब तक)
ड्रोन हमले लगभग 600
बैलिस्टिक मिसाइलें 45
क्रूज मिसाइलें 07
ताजा ड्रोन हमले (22 मार्च) 15

सऊदी अरब ने इन हमलों के विरोध में सख्त कदम उठाते हुए कई ईरानी सैन्य अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। बहरीन, UAE, कुवैत और जॉर्डन ने भी ईरान की ओर से दागे गए मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की जानकारी साझा की है। इन लगातार हमलों के कारण सऊदी अरब ने बीजिंग समझौते और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन होने की चेतावनी दी है।