सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र (Eastern Province) में 7 अप्रैल 2026 की सुबह हड़कंप मच गया जब वहां एक के बाद एक कई मिसाइलें दागी गईं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि मिसाइलों का मलबा तेल और गैस सुविधाओं के पास गिरने से जुबैल जैसे औद्योगिक इलाकों में डर का माहौल बन गया और सुरक्षा के मद्देनजर वहां काम रोकना पड़ा।
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?
सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने आधिकारिक तौर पर बताया कि सुरक्षा बलों ने कुल 11 बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही पिछले कुछ घंटों में 18 ड्रोनों को भी हवा में मार गिराया गया। शुरुआती रिपोर्ट में 4 मिसाइलों की बात कही गई थी लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर 11 हो गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि उन्होंने जुबैल के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया था।
आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर क्या असर पड़ा?
हमले के बाद अल-जुबैल में एक बड़ी आग लगने की खबर मिली जो सऊदी अरब का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र है। वहां काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों ने कुछ इलाकों को तुरंत खाली करा लिया। जुबैल और अल-जुायमाह के पास ऊर्जा केंद्रों के पास मलबा गिरने से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल ऑपरेशन्स को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के बड़े धमाके या खतरे को टाला जा सके।
सऊदी सिविल डिफेंस ने नागरिकों के लिए क्या निर्देश जारी किए?
सऊदी सिविल डिफेंस ने पूर्वी प्रांत के निवासियों के लिए सुबह-सुबह अलर्ट जारी किया और लोगों को सावधानी बरतने को कहा। प्रशासन की तरफ से कुछ खास हिदायतें दी गई हैं ताकि लोग सुरक्षित रह सकें।
- आधिकारिक निर्देश: केवल सरकारी माध्यमों से आने वाली खबरों पर ही भरोसा करें।
- घटनास्थल से दूरी: जहां मिसाइल का मलबा गिरा है वहां जाने से पूरी तरह बचें।
- फोटोग्राफी पर रोक: घटना वाली जगह की फोटो या वीडियो बनाने और उसे शेयर करने से मना किया गया है।
- खतरनाक इलाके: औद्योगिक क्षेत्रों और ऊर्जा केंद्रों के पास जाने से फिलहाल परहेज करें।
