सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने अपने सैन्य अधिकारियों को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब हर साल 250 होनहार छात्रों को दुनिया के बेहतरीन मिलिट्री कॉलेजों में पढ़ने के लिए भेजा जाएगा. इस प्रोग्राम का मकसद सऊदी फौज को आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देना है.
विदेशों में मिलेगी सैन्य ट्रेनिंग
6 जुलाई 2026 को हुई घोषणा के मुताबिक, सऊदी रक्षा मंत्रालय ने अपने ओवरसीज मिलिट्री स्कॉलरशिप प्रोग्राम को फिर से शुरू किया है. इसके तहत चुने गए छात्र 5 साल के कोर्स के लिए विदेश जाएंगे. इन छात्रों को 9 दोस्त देशों के 21 बड़े विश्वविद्यालयों और डिफेंस कॉलेजों में भेजा जाएगा.
इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, इटली, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, जापान और चीन शामिल हैं. यह मौका उन होनहार हाई स्कूल ग्रेजुएट्स को मिलेगा, जिन्होंने पहले से ही रक्षा मंत्रालय के मिलिट्री कॉलेजों में एडमिशन ले रखा है.
अधिकारियों को मिलेगा आधुनिक ज्ञान
आर्म्ड फोर्सेज ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन मेजर जनरल आदिल बिन मोहम्मद अल-बलावी ने बताया कि यह प्रोग्राम मंत्रालय के रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा. इससे अफसरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी और वे आधुनिक मिलिट्री सिस्टम को चलाने में माहिर होंगे.
इस पूरे प्रोग्राम में तीन मुख्य बातों पर जोर दिया गया है:
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से मिलिट्री और पढ़ाई की ट्रेनिंग देना.
- लीडरशिप और सही फैसला लेने की क्षमता को बढ़ाना.
- करियर का एक साफ रास्ता बनाना जिससे फौज की तैयारी और प्रोफेशनल काम करने का तरीका बेहतर हो.
