सऊदी अरब और यमन की सीमा के पास सोमवार, 8 जून 2026 को एक बैलिस्टिक मिसाइल गिरने के बाद सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस घटना को लेकर सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने अपनी स्थिति साफ की है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने बताया कि यमन से छोड़ी गई मिसाइल तकनीकी खराबी के चलते रास्ते से भटक गई थी और सऊदी-यमन सीमा के पास खाली इलाके में गिर गई। मामले की जांच अभी भी जारी है और सुरक्षा एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं।
आखिर कहां दागी गई थी यह मिसाइल और क्यों बदला इसका रास्ता?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि यमन से छोड़ी गई मिसाइल वास्तव में एक क्षेत्रीय देश की ओर दागी गई थी। हालांकि, मिसाइल में आई तकनीकी खराबी के कारण यह अपने तय रास्ते से भटक गई। रास्ते से भटकने के कारण मिसाइल के दिशा संकेतक गलत हो गए और यह सऊदी-यमन सीमा के पास एक सुनसान और गैर-आबादी वाले इलाके में जाकर गिर गई। इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
क्या अल-खर्ज के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को बनाया गया था निशाना?
- अफवाहों का खंडन: मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने उन सभी खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अल-खर्ज प्रांत में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाया गया था। उन्होंने साफ किया कि ये मीडिया रिपोर्ट्स गलत हैं।
- अलर्ट सायरन बजने की वजह: अल-खर्ज प्रांत में घटना वाले दिन ही सुरक्षा के लिहाज से हवाई हमले के सायरन बजाए गए थे। यह कदम यमन से मिसाइल दागे जाने की जानकारी मिलने और सीमा के पास उसके ओझल होने के बाद एहतियातन उठाया गया था ताकि नागरिक सुरक्षित रह सकें।
यमन की ओर से हुए अन्य मिसाइल हमलों पर क्या है जानकारी?
उसी दिन यमन के हूती विद्रोहियों ने इजराइल के तेल अवीव में जाफा क्षेत्र के पास संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले करने का दावा किया था। इसके साथ ही उन्होंने लाल सागर में इजराइली जहाजों के आवागमन पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इस बीच, इजराइली सेना ने भी यमन की ओर से दागी गई एक मिसाइल की पहचान करने और उसे अपनी हवाई रक्षा प्रणाली से हवा में ही नष्ट करने की पुष्टि की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमन से दागी गई मिसाइल कहां गिरी थी?
यह बैलिस्टिक मिसाइल तकनीकी खराबी के कारण अपने रास्ते से भटकने के बाद सऊदी अरब और यमन की सीमा के पास एक खाली और गैर-आबादी वाले इलाके में गिरी थी।
क्या अल-खर्ज के एयर बेस पर कोई हमला हुआ था?
नहीं, सऊदी रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि अल-खर्ज के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले की खबरें गलत हैं और वहां सायरन केवल सुरक्षा चेतावनी के तौर पर बजाए गए थे।
