सऊदी अरब के डिप्टी विदेश मंत्री Walid al-Khuraiji और उनके साथ एक प्रतिनिधिमंडल अचानक तेहरान पहुंचे। वे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के जनाजे में शामिल होने गए थे। इस खबर ने सबको हैरान कर दिया है क्योंकि सऊदी अरब की इस यात्रा की कोई पहले से आधिकारिक जानकारी नहीं थी।
यह घटना 3 जुलाई 2026 को हुई जब विदेशी मेहमानों के लिए एक खास कार्यक्रम रखा गया था। अली खमेनेई के जनाजे की रस्में 4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 तक चलीं। जानकारी के मुताबिक अली खमेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के एक संयुक्त हमले में हुई थी।
सऊदी अरब और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे हैं। मार्च में सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने ईरान को अपनी रणनीति बदलने के लिए कहा था। यह मामला तब उठा था जब सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बार-बार हमले किए गए थे।
हैरानी की बात यह है कि सऊदी अरब ने अब तक नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei को मान्यता नहीं दी है। मार्च 2026 में सऊदी सरकार ने तेहरान से अपने सैन्य अटैशे को भी बाहर निकाल दिया था। साथ ही खमेनेई की मौत के बाद सऊदी ने कोई शोक संदेश भी नहीं भेजा था।
इससे पहले मई 2024 में पूर्व राष्ट्रपति Ebrahim Raisi की मौत पर सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan तेहरान गए थे। उस समय सऊदी अरब ने ईरान के प्रति अपनी सहानुभूति जताई थी। जानकारों का मानना है कि अब दोबारा तेहरान जाना इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो रहा है और शांति के लिए बातचीत चल रही है।
