सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए नजरहा (Nazaha) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। 22 जुलाई 2026 को सऊदी के एक गवर्नरनेट में ड्राइविंग स्कूल के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी कर्मचारी एक रेजिडेंट से पैसे लेकर उसे बिना क्लास अटेंड किए ड्राइविंग लाइसेंस दिलाने का वादा कर रहा था।
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बिना ट्रेनिंग लाइसेंस देने का था खेल
सऊदी अरब के नियमों के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए 18 साल की उम्र, मेडिकल टेस्ट, प्रोफेशनल ट्रेनिंग और थ्योरी के साथ रोड टेस्ट पास करना अनिवार्य है। पकड़े गए कर्मचारी ने इन सभी जरूरी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर शॉर्टकट से लाइसेंस बनवाने का लालच देकर रिश्वत ली थी। ओवर्सिट एंड एंटी-करप्शन अथॉरिटी (Nazaha) ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है और इसे सरकारी पदों का दुरुपयोग रोकने की मुहिम का हिस्सा बताया है।
रिश्वत लेने पर भारी जुर्माना और जेल
सऊदी के कानून रॉयल डिक्री M/36 के तहत रिश्वत लेना और देना दोनों ही गंभीर अपराध हैं। इसमें दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा ली गई रिश्वत की राशि को भी जब्त कर लिया जाता है। नजरहा ने स्पष्ट किया है कि वे सऊदी में सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रहे हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
