Saudi Economy Update: मुश्किल समय में भी मजबूत रहा सऊदी का आर्थिक ढांचा, IMF और World Bank ने जताई खुशी

सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था ने दुनिया के सामने अपनी मजबूती रखी है. हाल ही में काउंसिल ऑफ इकोनॉमिक एंड डेवलपमेंट अफेयर्स (CEDA) की एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग हुई, जिसमें देश की आर्थिक हालत पर चर्चा की गई. इस मीटिंग में यह बात सामने आई कि आस-पास के देशों में तनाव होने के बावजूद सऊदी की इकोनॉमी बहुत मजबूत बनी हुई है और बाहरी झटकों को सहने की ताकत रखती है.

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सऊदी अर्थव्यवस्था की मजबूती का क्या कारण है?

मिनिस्ट्री ऑफ इकोनॉमी एंड प्लानिंग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सऊदी अरब ने अपनी आर्थिक नीतियों को बहुत बेहतर बनाया है. देश के पास मजबूत लॉजिस्टिक सिस्टम है, जिसकी वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन में आने वाली दिक्कतों का असर कम होता है. सरकार ने दुनिया भर की आर्थिक हलचलों पर नजर रखी है ताकि देश की ग्रोथ पर कोई बुरा असर न पड़े.

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विशेषज्ञों की क्या राय है?

दुनिया की बड़ी संस्थाओं जैसे IMF और World Bank ने सऊदी की स्थिरता पर भरोसा जताया है. फाइनेंस मिनिस्टर मोहम्मद अल-जदान ने वाशिंगटन में एक मीटिंग के दौरान कहा कि सऊदी अरब आर्थिक झटकों को संभालने में पूरी तरह सक्षम है. उन्होंने बताया कि सरकार निजी सेक्टर को मजबूत करने और अर्थव्यवस्था को केवल तेल पर निर्भर न रखने के लिए काम कर रही है.

संस्था/अधिकारी अनुमानित ग्रोथ या अपडेट मुख्य बिंदु
IMF (2026) 3.1% क्षेत्रीय तनाव के कारण अनुमान कम हुआ
IMF (2027) 4.5% विकास दर में बढ़ोतरी की उम्मीद
World Bank (2026) 3.1% खाड़ी देशों में सऊदी का दबदबा बरकरार
फाइनेंस मिनिस्टर स्थिरता स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स और निजी सेक्टर पर जोर
CEDA अपवादिक मजबूती क्षेत्रीय तनाव के बीच भी अर्थव्यवस्था मजबूत
Ministry of Economy मजबूत ढांचा बेहतर लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा

Vision 2030 की प्रोग्रेस कैसी चल रही है?

स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट ऑफिस ने अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया कि Vision 2030 के तीनों मुख्य लक्ष्यों यानी वाइब्रेंट सोसाइटी, थ्राइविंग इकोनॉमी और एम्बिशियस नेशन में काफी तरक्की हुई है. दूसरे फेज के काम पूरे हो चुके हैं और अब तीसरे फेज को तेजी से लागू करने की तैयारी है. इसके साथ ही, सरकारी एजेंसियों के काम की जांच के लिए Adaa की 2025 की रिपोर्ट का भी रिव्यू किया गया ताकि लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके.