सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने 30 अप्रैल 2026 को एक अहम मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और उसमें आ रहे बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इलाके में स्थिरता लाने के लिए आपसी तालमेल और बातचीत को जारी रखना बहुत जरूरी है।
सऊदी और मिस्र की इस मीटिंग में क्या बातें हुईं?
इस मुलाकात के दौरान सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan Al Saud और मिस्र के विदेश मंत्री Dr. Badr Abdelatty ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर बात की। चर्चा के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करना।
- सुरक्षा और स्थिरता बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच निरंतर परामर्श करना।
- गाजा और सूडान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर मानवीय युद्धविराम और शांति की कोशिशें करना।
- ईरान के परमाणु मुद्दे और क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता का सम्मान करने पर सहमति।
दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए अन्य महत्वपूर्ण समझौते
सऊदी अरब और मिस्र के रिश्ते सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पिछले कुछ समय में कई बड़े कदम उठाए गए हैं। इससे आम लोगों और अधिकारियों को काफी सुविधा मिली है:
- वीज़ा समझौता: 19 मार्च 2026 को रियाद में एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत डिप्लोमैटिक, स्पेशल और सर्विस पासपोर्ट धारकों को शॉर्ट-स्टे वीज़ा से छूट दी गई है।
- बहुपक्षीय बैठकें: 17 अप्रैल 2026 को अंतल्या डिप्लोमेसी फोरम के दौरान सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की एक साझा बैठक हुई थी।
- तनाव कम करने के प्रयास: मिस्र के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के साथ-साथ कतर, बहरीन और तुर्की जैसे देशों से भी फोन पर बात कर क्षेत्रीय शांति की अपील की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी और मिस्र के विदेश मंत्रियों की बैठक कब हुई और इसका मुख्य उद्देश्य क्या था?
यह बैठक 30 अप्रैल 2026 को हुई। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करना और सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय को बढ़ाना था।
सऊदी अरब और मिस्र के बीच वीज़ा को लेकर क्या नया नियम आया है?
19 मार्च 2026 को दोनों देशों ने एक समझौता किया, जिसके तहत डिप्लोमैटिक, स्पेशल और सर्विस पासपोर्ट रखने वाले लोगों को कम समय की यात्रा के लिए वीज़ा से छूट दी गई है।