मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने फोन पर एक महत्वपूर्ण चर्चा की है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद और मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलअति ने फोन पर बात करके क्षेत्र के मौजूदा हालातों और सुरक्षा व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया। दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति बहाल करने और किसी भी बड़े संकट को टालने के लिए आपसी तालमेल मजबूत करने पर जोर दिया है।

सऊदी अरब और मिस्र के बीच किन मुद्दों पर हुई बातचीत?

दोनों मंत्रियों ने अपनी बातचीत में मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान संघर्ष और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने के उपायों पर चर्चा की। मिस्र और सऊदी अरब ने इस बात पर जोर दिया कि लगातार बढ़ता तनाव पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता पैदा कर सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और समुद्री व्यापार को भारी नुकसान पहुंच सकता है। मिस्र के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे खाड़ी देशों की सुरक्षा के साथ खड़े हैं और किसी भी खतरे के खिलाफ सऊदी अरब का पूरा समर्थन करेंगे।

सऊदी अरब पर हुए ड्रोन हमले को लेकर क्या कहा गया?

इस बातचीत के दौरान हाल ही में सऊदी अरब पर हुए ड्रोन हमलों का मुद्दा भी उठा। दरअसल, इराक की ओर से सऊदी अरब की हवाई सीमा में तीन ड्रोन घुसने की घटना हुई थी, जिसकी अरब लीग और मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में निंदा की है। मिस्र ने कहा कि वे सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कदम का विरोध करते हैं और संकट की इस घड़ी में पूरी तरह सऊदी के साथ हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर दोनों देशों का रुख क्या है?

बातचीत में समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा भी बेहद अहम रहा। दोनों देशों के नेताओं ने माना कि लाल सागर और आसपास के समुद्री रास्तों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत जरूरी है। मिस्र ने खाड़ी देशों की सुरक्षा को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा बताते हुए कहा कि वे इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए हर संभव सहयोग करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच क्या बातचीत हुई?

दोनों मंत्रियों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने, अमेरिका-ईरान संघर्ष के प्रभाव को रोकने और आपस में सुरक्षा तालमेल बढ़ाने पर चर्चा की।

क्या हाल ही में सऊदी अरब पर कोई ड्रोन हमला हुआ था?

हाँ, इराक की ओर से सऊदी अरब की हवाई सीमा में तीन ड्रोनों के प्रवेश करने की घटना सामने आई थी, जिसकी मिस्र और अरब लीग ने कड़ी निंदा की।