सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने काहिरा में मिस्र, तुर्की और अमेरिका के अधिकारियों के साथ एक अहम मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य मकसद सूडान और लीबिया में चल रहे संकटों को सुलझाना और वहां सुरक्षा और स्थिरता लाना था। यह हाई-लेवल मीटिंग 20 और 21 जून 2026 को आयोजित की गई थी।
इस बातचीत में सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलतटी, तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान और अमेरिकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार मसाद बाउलस शामिल हुए। सभी नेताओं ने उत्तर अफ्रीका में बढ़ रही अस्थिरता को रोकने के लिए राजनयिक रास्तों पर चर्चा की।
लीबिया के मामले पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि देश की एकता और संप्रभुता का सम्मान करना बहुत जरूरी है। उन्होंने लीबिया में राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और सरकारी संस्थानों को एक करने पर जोर दिया।
मिस्र के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता राजदूत तमीम खलाफ ने बताया कि इन बैठकों में क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी देशों के बीच आपसी तालमेल और सलाह-मशविरा जारी रखना जरूरी है।
सूडान और लीबिया के अलावा इस बैठक में कुछ और अहम मुद्दों पर भी बात हुई। इसमें गाजा पट्टी और फिलिस्तीन का मामला, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद ईरान से जुड़ी स्थितियां और अफ्रीका के हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र की सुरक्षा शामिल थी।
इस बैठक में सऊदी विदेश मंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार प्रिंस मुसाब बिन मोहम्मद अल फरहान और मिस्र में सऊदी राजदूत सालेह बिन ईद अल-हुसैनी भी मौजूद रहे।
