सऊदी अरब में हज 2026 के दौरान ऊर्जा मंत्रालय की देखरेख में बिजली और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। इस साल भीषण गर्मी के बावजूद ऊर्जा क्षेत्र ने अपने ऑपरेशनल प्लान को सफलतापूर्वक पूरा किया और बिजली की रिकॉर्ड मांग को आसानी से संभाला। हज यात्रा के लिए 15 लाख से अधिक श्रद्धालु सऊदी अरब पहुंचे हैं, जिनकी सुविधा के लिए सरकार ने आधुनिक टेक्नोलॉजी और सख्त सुरक्षा नियमों का पूरा इंतजाम किया है।
बिजली और ईंधन की रिकॉर्ड सप्लाई के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
सऊदी ऊर्जा क्षेत्र ने हज के दौरान ग्रिड को सुरक्षित रखने और बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है। इस बार के मुख्य प्रबंध कुछ इस प्रकार रहे:
- स्मार्ट डैशबोर्ड और एआई: बिजली ग्रिड के संचालन की निगरानी के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया।
- गर्मी से निपटने के उपाय: मई के महीने में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण हाजियों के लिए कूलिंग स्टेशन, वॉटर मिस्टिंग सिस्टम और छांव वाले रास्तों का इंतजाम किया गया।
- दवाइयों की डिलीवरी: ट्रैफिक और भीड़भाड़ से बचते हुए गर्मी से परेशान मरीजों तक दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना
सऊदी गृह मंत्रालय ने पहले ही साफ कर दिया था कि बिना वैध परमिट के मक्का में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। सुरक्षा बलों ने नियमों को लागू करने के लिए सख्त कार्रवाई की है:
- स्मार्ट कार्ड का नियम: सभी वैध हाजियों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ‘नुसुक कार्ड’ (Nusuk Card) रखना अनिवार्य किया गया है।
- 50,000 रियाल का जुर्माना: बिना परमिट वाले लोगों को यात्रा कराने या मक्का ले जाने वाले लोगों पर 50,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया जा रहा है।
- जेल और डिपोर्टेशन: नियम तोड़ने वालों को 6 महीने की जेल का सामना करना पड़ेगा और विदेशी प्रवासियों को देश से डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब में बिना हज परमिट यात्रा कराने पर क्या सजा है?
बिना परमिट वाले लोगों को ट्रांसपोर्ट करने पर 50,000 सऊदी रियाल का जुर्माना, छह महीने की जेल और प्रवासियों को डिपोर्ट करने का नियम है।
हज के दौरान अत्यधिक गर्मी से निपटने के लिए क्या तकनीक अपनाई गई?
प्रशासन ने कूलिंग स्टेशन, मिस्टिंग सिस्टम और भीड़भाड़ वाले रास्तों पर क्लीनिकों तक दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन का उपयोग किया है।