सऊदी अरब में एक पूर्व शिक्षक ने अपनी मेहनत और जुनून से खेती की तस्वीर बदल दी है। मक्का के अब्दुल्ला अल-नाशिरी ने अपने खेत में 1,700 आम के पेड़ों का एक बड़ा बाग तैयार किया है। यह बदलाव सऊदी विजन 2030 के तहत स्थानीय खेती को बढ़ावा देने की कोशिशों का हिस्सा है।

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मक्का के अब्दुल्ला अल-नाशिरी पहले एक शिक्षक थे, लेकिन अब उन्होंने खेती में अपनी नई पहचान बना ली है। उन्होंने सिर्फ 200 पेड़ों से शुरुआत की थी और आज उनके पास 1,700 आम के पेड़ों का विशाल बाग है। उन्हें यह प्रेरणा अपने पिता की यादों और सऊदी रेडियो के प्रोग्राम “द गुड लैंड” से मिली।

इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने में पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय (MEWA) की अल-कुनफुदाह शाखा के प्रमुख हसन बिन इब्राहिम अल-मुइदी और मक्का प्रांत विकास प्राधिकरण ने काफी सहयोग किया। मक्का शाखा के महानिदेशक सईद बिन जरल्लाह ने बताया कि मंत्रालय आम और अन्य उष्णकटिबंधीय फलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है।

सऊदी विजन 2030 का मुख्य लक्ष्य देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और अर्थव्यवस्था को केवल तेल और गैस पर निर्भर न रखकर अन्य क्षेत्रों में विकसित करना है। इसके लिए MEWA ने “सस्टेनेबल रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम रीफ” (Reef) शुरू किया है। इस प्रोग्राम के जरिए ग्रामीण इलाकों में खेती की क्षमता बढ़ाई जा रही है और किसानों को तकनीकी सहायता दी जा रही है।

सऊदी अरब ने आम उत्पादन और कृषि के क्षेत्र में पिछले कुछ समय में काफी तरक्की की है, जिसका ब्यौरा नीचे दिया गया है:

विवरण/समय महत्वपूर्ण डेटा
अप्रैल 2023 आम उत्पादन में 60% आत्मनिर्भरता (88,600 टन वार्षिक उत्पादन)
मई 2022 जजान क्षेत्र में 10 लाख आम के पेड़ (65,000 टन उत्पादन)
जुलाई 2025 अल-उला प्रांत में 50,000 से ज्यादा पेड़, 1,000 टन सालाना उत्पादन
अप्रैल 2024 केला के पौधों का स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू
वर्ष 2024 कृषि क्षेत्र का GDP में योगदान 114 बिलियन SAR तक पहुँचा
कुल भूमि 6,880 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर आम की खेती

मंत्रालय अब जैविक खेती पर भी जोर दे रहा है ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन तैयार किया जा सके। इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है।