सऊदी अरब और खाड़ी देशों में रमज़ान 2026 का पहला हफ्ता चल रहा है। इस दौरान कई लोगों को खाली पेट रहने से एसिडिटी या पेट का पानी मुंह में आने की शिकायत होती है। इसको लेकर सऊदी अरब की Permanent Committee for Scholarly Research and Ifta ने लोगों की उलझन दूर की है। जनरल प्रेसीडेंसी ने फतवा नंबर 17594 के हवाले से बताया है कि ऐसी स्थिति में रोज़ा सही रहता है या टूट जाता है।

फतवा नंबर 17594 के मुताबिक क्या है नियम?

कमेटी के विद्वानों ने साफ किया है कि अगर किसी रोज़ेदार के पेट से एसिडिटी या कोई पदार्थ मुंह तक आ जाता है, तो उसे तुरंत थूक देना चाहिए। रोज़ा सिर्फ तभी टूटता है जब कोई व्यक्ति मुंह में आई चीज़ को जानबूझकर वापस निगल ले। यह नियम उन लोगों के लिए बहुत अहम है जिन्हें अक्सर खट्टी डकार या GERD की समस्या रहती है। अधिकारियों ने बताया कि यह जानकारी General Directorate of Ifta ने तैयार की है ताकि लोगों को सही दीनी जानकारी मिल सके।

गलती से अंदर चले जाने पर क्या होगा?

अगर पेट का पानी या एसिडिटी गले तक आकर अपने आप वापस चली जाए या अनजाने में निगल ली जाए, तो रोज़ा नहीं टूटता। इस पर रोज़ेदार को कोई गुनाह नहीं होगा और उसका रोज़ा मान्य रहेगा। यह फैसला कुरान के उस सिद्धांत पर आधारित है जिसमें कहा गया है कि अल्लाह किसी भी जान पर उसकी ताकत से ज्यादा बोझ नहीं डालता। अगर किसी को बहुत ज्यादा बीमारी है तो वह बाद में रोज़ा पूरा कर सकता है या फिदया दे सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com