G20 Meeting: वाशिंगटन में सऊदी वित्त मंत्री ने लिया हिस्सा, मिडिल ईस्ट विवाद के कारण नहीं हो सका कोई साझा समझौता

सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान ने वाशिंगटन डी.सी. में आयोजित G20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की पहली बैठक में हिस्सा लिया। यह मीटिंग 16 अप्रैल 2026 को हुई, जो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और वर्ल्ड बैंक ग्रुप की स्प्रिंग मीटिंग के दौरान आयोजित की गई थी। इस बैठक में दुनिया की अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।

G20 मीटिंग में किस बात पर हुई चर्चा और क्या रहा नतीजा?

इस बैठक में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और उसका ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ने वाले असर पर बात हुई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। कई देशों ने इस विवाद के जल्द खत्म होने की मांग की। हालांकि, सदस्य देशों के बीच मतभेद होने की वजह से मीटिंग के अंत में कोई साझा बयान (Joint Statement) जारी नहीं किया गया।

बैठक में शामिल देश और मुख्य जानकारियां

इस मीटिंग की अध्यक्षता अमेरिका ने की। सऊदी अरब की तरफ से वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान और केंद्रीय बैंक (SAMA) के गवर्नर अयमान अल-सय्यारी ने शिरकत की। वहीं दक्षिण अफ्रीका के वित्त मंत्री एनोक गोडोंगवाना को अमेरिका द्वारा मान्यता न मिलने के कारण इस बैठक से बाहर रखा गया।

संस्था/देश मुख्य जानकारी/प्रतिनिधि
सऊदी अरब वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान और गवर्नर अयमान अल-सय्यारी
अमेरिका G20 प्रेसीडेंसी और बैठक की अध्यक्षता की
जापान वित्त मंत्री सत्सुकी कातायामा और गवर्नर काज़ुओ उएदा
दक्षिण अफ्रीका एक्क्रेडिटेशन न मिलने के कारण मीटिंग से बाहर रखा गया
FSB चेयर एंड्रयू बेली ने वित्तीय जोखिमों पर पत्र भेजा
मीटिंग की तारीख 16 अप्रैल 2026
मुख्य स्थान वाशिंगटन डी.सी. (IMF और वर्ल्ड बैंक स्प्रिंग मीटिंग)

सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति पर क्या रही चर्चा?

G20 मीटिंग के अलावा 14 अप्रैल 2026 को मंत्री मोहम्मद अल-जदान ने अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स की एक मीटिंग में भी भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने दुनिया को बताया कि सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पूरी तरह स्थिर है। उन्होंने देश में चल रहे ढांचागत सुधारों और विदेशी निवेश के लिए बने अच्छे माहौल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।